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आनी मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में कलाकारों और स्कूली बच्चों ने बिखेरा रंगपहली सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों ने बांधा समां, देर रात तक झूमे दर्शक।


 


फ्रंट पेज न्यूज़ (छविंद्र शर्मा)आनी।

जिला स्तरीय ऐतिहासिक आनी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या रंगारंग प्रस्तुतियों, लोक संस्कृति और संगीत की मधुर स्वर लहरियों के बीच देर रात तक उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। मेला मैदान आनी में आयोजित इस भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में एसडीएम आनी लक्ष्मण सिंह कनैत उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


अपने संबोधन में एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनैत ने कहा कि मेले और सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध लोक परंपराओं और संस्कृति को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि आनी मेला क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान है, जो आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक एकता और लोक कला को बढ़ावा देता है। उन्होंने युवाओं से अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेज कर रखने का आह्वान किया तथा कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।


सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक हनी नेगी ने अपने लोकप्रिय पहाड़ी गीतों से समां बांध दिया। उनके गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे और पूरा मेला मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं प्रसिद्ध गायिका ममता भारद्वाज ने अपनी मधुर आवाज में लोक एवं फिल्मी गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर लोगों का दिल जीत लिया।

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इसके अलावा अमर राठौर और डीम्पल ठाकुर ने भी अपनी दमदार प्रस्तुतियों से सांस्कृतिक संध्या में चार चांद लगा दिए। उनके ऊर्जावान गीतों और आकर्षक मंच संचालन शैली ने युवाओं में विशेष उत्साह भर दिया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक पहाड़ी नाटी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिमाचली लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।


मेला कमेटी और प्रशासन की ओर से सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कुल मिलाकर पहली सांस्कृतिक संध्या मनोरंजन के साथ-साथ लोक संस्कृति को बढ़ावा देने में भी सफल रही।
स्कूली छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों ने दिन के कार्यक्रम में जमाया रंग

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जिला स्तरीय ऐतिहासिक आनी मेले के अंतर्गत आयोजित दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे विद्यार्थियों ने हिमाचली नाटियों, समूह गीतों तथा म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट प्रस्तुतियों के माध्यम से मेले में सांस्कृतिक रंग भर दिए।

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कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की आकर्षक प्रस्तुतियों पर पूरा मेला मैदान तालियों की गूंज से भर उठा। बच्चों ने अनुशासन, कला और सांस्कृतिक प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय देते हुए उपस्थित लोगों की खूब वाहवाही लूटी। विशेष रूप से पारंपरिक लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को हिमाचली संस्कृति से जोड़ने का कार्य किया।


कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में डॉ. जवाहर ठाकुर, मनमोहन शर्मा तथा राज्य पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक कुन्दन शर्मा उपस्थित रहे। मुख्यातिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


उन्होंने कहा कि मेले केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का सशक्त मंच भी हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई।

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