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  • 12 जून को होगा नगर पंचायत बंजार का शपथ ग्रहण, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव पर अभी संशय।

    फ्रंट पेज न्यूज़ (प्रमेश शर्मा)बंजार

    नगर निकाय चुनावों के बाद नगर पंचायत बंजार के नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह की तिथि 12 जून 2026 निर्धारित कर दी गई है। उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बंजार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नगर पंचायत के सातों निर्वाचित वार्ड सदस्य 12 जून को प्रातः 11 बजे नगर पंचायत कार्यालय बंजार में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे। इसके साथ ही नगर पंचायत के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, हालांकि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर स्थिति अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

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    जानकारी के अनुसार नगर निकाय चुनावों से जुड़े एक मामले की सुनवाई हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में जारी है। इसी संदर्भ में उपायुक्त कुल्लू द्वारा 6 जून को जारी एक पत्र में बताया गया है कि संजय चौहान बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार एवं अन्य मामले में 4 जून 2026 को उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश के विरुद्ध प्रदेश सरकार सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने की प्रक्रिया में है।

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    शहरी विकास विभाग के निर्देशों के आधार पर जिला प्रशासन ने कुल्लू, मनाली, बंजार और निरमंड के उपमंडल अधिकारियों को शपथ ग्रहण कार्यक्रम के लिए नई तिथि निर्धारित करने तथा हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1994 एवं चुनाव नियम, 2015 के तहत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

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    इसी क्रम में नगर पंचायत बंजार के निर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण 12 जून को आयोजित किया जा रहा है। हालांकि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया को लेकर अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। माना जा रहा है कि इन पदों के चुनाव संबंधी अगली कार्रवाई न्यायालय के अंतिम निर्णय तथा राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बाद ही संभव हो पाएगी।

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    नगर पंचायत बंजार का राजनीतिक परिदृश्य इस बार विशेष रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। अध्यक्ष पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों और समूहों के बीच संभावित समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर कई नामों और संभावित दावेदारों को लेकर अटकलों का दौर जारी है, लेकिन कानूनी स्थिति स्पष्ट न होने के कारण अध्यक्ष पद का निर्णय फिलहाल अधर में लटका हुआ है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नगर पंचायत बंजार में अध्यक्ष पद के लिए बनने वाले समीकरण स्थानीय राजनीति की दिशा और आने वाले समय की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं। विभिन्न राजनीतिक समूह तथा निर्वाचित प्रतिनिधि अपने-अपने स्तर पर संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं, वहीं न्यायिक प्रक्रिया के चलते पूरे घटनाक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

    फिलहाल प्रशासन की ओर से केवल निर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा की गई है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन की तिथि तथा प्रक्रिया को लेकर अभी कोई औपचारिक सूचना जारी नहीं हुई है। यह पूरी तरह न्यायालय के आगामी निर्णय और राज्य सरकार द्वारा जारी होने वाले निर्देशों पर निर्भर करेगा।

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    नगर पंचायत क्षेत्र के निवासियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों की नजरें अब न्यायालय की अगली सुनवाई और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। सभी को इस बात का इंतजार है कि कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद नगर पंचायत बंजार की सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाएगी और स्थानीय राजनीति आने वाले दिनों में कौन-सा नया मोड़ लेगी।

  • जल्द पाठकों के हाथों में होगी साहित्यकार रवि शर्मा की काव्य संग्रह पुस्तक “मेरी कलम के बोल”।


    फ्रंट पेज न्यूज़ (छविंद्र शर्मा)निरमंड।


    हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, शिक्षाविद एवं वरिष्ठ पत्रकार रवि शर्मा की प्रथम काव्य संग्रह पुस्तक “मेरी कलम के बोल” शीघ्र ही पाठकों के हाथों में होगी।

    पुस्तक का प्रकाशन कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही यह साहित्य प्रेमियों के लिए उपलब्ध करवा दी जाएगी। पुस्तक के प्रकाशन को लेकर साहित्यिक जगत में उत्साह का माहौल है।


    रवि शर्मा ने बताया कि उनकी इस काव्य संग्रह पुस्तक में समाज, राष्ट्र और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े अनेक विषयों को स्थान दिया गया है। संग्रह में देशभक्ति, राष्ट्रसेवा, सैनिकों के त्याग एवं बलिदान, पारिवारिक रिश्तों की गरिमा, विद्यार्थियों के जीवन में परीक्षा का महत्व, मतदाता जागरूकता, राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारियां तथा व्यक्ति के जीवन में उसके किरदार जैसे विविध विषयों पर आधारित रचनाएं शामिल की गई हैं।

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    इन कविताओं के माध्यम से उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों और जीवन के अनेक पहलुओं को अभिव्यक्ति देने का प्रयास किया है।
    उन्होंने बताया कि पुस्तक में संकलित अधिकांश रचनाएं उनके जीवन अनुभवों, सामाजिक अवलोकनों और मानवीय मूल्यों पर आधारित हैं। उनका मानना है कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और कविताओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच तथा जागरूकता का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

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    उन्होंने उम्मीद जताई कि यह काव्य संग्रह पाठकों, साहित्यकारों और युवा रचनाकारों को विशेष रूप से पसंद आएगा।
    करीब 55 चयनित कविताओं से सुसज्जित इस काव्य संग्रह को राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, कोलकाता द्वारा आईएसबीएन (ISBN) नंबर भी प्रदान किया गया है। यह पुस्तक की साहित्यिक पहचान और प्रकाशन की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। पुस्तक का मुखपृष्ठ भी आकर्षक ढंग से तैयार किया गया है, जो पाठकों को पहली नजर में ही आकर्षित करने की क्षमता रखता है।

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    इस पुस्तक की एक और विशेषता यह है कि रवि शर्मा ने इसे अपने पूज्य पिता स्वर्गीय मूल राज शर्मा की स्मृति को समर्पित किया है। स्वर्गीय मूल राज शर्मा स्वयं भी उच्च कोटि के लेखक एवं साहित्य प्रेमी थे। रवि शर्मा का कहना है कि उन्हें साहित्य और लेखन की प्रेरणा अपने पिता से ही मिली और यह पुस्तक उनके प्रति श्रद्धा एवं सम्मान का प्रतीक है।
    रवि शर्मा वर्तमान में शिक्षा विभाग में प्रवक्ता के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षण कार्य के साथ-साथ साहित्य सृजन में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। शिक्षा विभाग में आने से पूर्व उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पत्रकारिता की है।

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    पत्रकारिता के दौरान उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसरोकारों से जुड़े अनेक विषयों को प्रमुखता से उठाया। साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें विभिन्न संस्थाओं एवं मंचों द्वारा समय-समय पर सम्मानित भी किया जा चुका है।

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    साहित्य प्रेमियों का मानना है कि “मेरी कलम के बोल” केवल एक काव्य संग्रह नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, राष्ट्रप्रेम और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त दस्तावेज साबित होगी। पुस्तक के प्रकाशन से क्षेत्र के साहित्यिक वातावरण को नई दिशा और ऊर्जा मिलने की उम्मीद की जा रही है।
    फोटो कैप्शन:
    साहित्यकार रवि शर्मा की शीघ्र प्रकाशित होने वाली प्रथम काव्य संग्रह पुस्तक “मेरी कलम के बोल” का मुखपृष्ठ।

  • मनाली में चिट्टा तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, पंजाब की महिला 15.240 ग्राम हैरोइन सहित गिरफ्तार।

    फ्रंट पेज न्यूज़ मनाली।

    नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मनाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला को 15.240 ग्राम हैरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद किए गए नशीले पदार्थ की अवैध बाजार में कीमत करीब 3.04 लाख रुपये बताई जा रही है।


    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 जून 2026 को पुलिस थाना मनाली की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि चचोगा क्षेत्र में स्थित एक किराये के मकान में नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल विंटेज, चचोगा के समीप स्थित रिहायशी मकान में दबिश दी।


    तलाशी के दौरान वहां किराये पर रह रही एक महिला के कब्जे से 15.240 ग्राम हैरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। इसके बाद पुलिस ने महिला को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

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    गिरफ्तार महिला की पहचान जिला तरनतारन, पंजाब की निवासी के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पुलिस थाना मनाली में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद नशीले पदार्थ की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था, इसकी गहन जांच की जा रही है। साथ ही इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

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    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कुल्लू-मनाली क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • बंजार को मिले नए खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, रमेश शर्मा ने संभाला कार्यभार।


    फ्रंट पेज न्यूज़,बंजार।


    खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (बीईईओ) कार्यालय बंजार में सोमवार को रमेश शर्मा ने विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि यह पद पिछले लगभग दो माह से रिक्त चल रहा था, जिसके कारण प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

    रमेश शर्मा के कार्यभार संभालने से क्षेत्र की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
    रमेश शर्मा इससे पूर्व सीएचटी (सेंटर हेड टीचर) के पद पर कार्यरत थे।

    शिक्षा विभाग में 30 वर्ष से अधिक के अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने जिला कुल्लू के विभिन्न विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। अपने अनुभव, कार्यकुशलता एवं प्रशासनिक क्षमता के कारण वे शिक्षकों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच एक समर्पित और कर्मठ अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं।

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    कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ बंजार के पदाधिकारियों, शिक्षकों तथा कार्यालय स्टाफ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान सभी ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में बंजार खंड की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।


    इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों ने आशा व्यक्त की कि रमेश शर्मा अपने अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व के बल पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालयों की कार्यप्रणाली को सशक्त बनाने तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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    खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने के बाद रमेश शर्मा ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और शिक्षा से जुड़े हितधारकों के सहयोग से विद्यार्थियों के हित में कार्य करने तथा शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

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  • एसडीएम बंजार ने बिहाली स्थित बाल आश्रम का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा।


    फ्रंट पेज न्यूज़।


    उपमंडलाधिकारी (नागरिक) बंजार ने सोमवार को ग्राम पंचायत लारजी के बिहाली में स्थित एचपी स्टेट काउंसिल फॉर चिल्ड्रेन वेलफेयर द्वारा संचालित बाल आश्रम का औचक निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रम में रह रहे बच्चों की देखभाल, भोजन, सुरक्षा, स्वच्छता तथा अन्य व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया।
    निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने आश्रम परिसर, आवासीय कमरों, रसोईघर तथा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया।

    इस दौरान कुछ व्यवस्थागत कमियां तथा कुछ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिन पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं प्रबंधन से आवश्यक स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने आश्रम में रह रहे बच्चों से भी बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी प्राप्त की।


    उल्लेखनीय है कि यह बाल आश्रम हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा स्टेट काउंसिल फॉर चिल्ड्रेन वेलफेयर  एक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। जिस भवन में वर्तमान में यह आश्रम संचालित है, वहां पूर्व में राजकीय प्राथमिक पाठशाला बिहाली संचालित थी। विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण उसे बंद कर दिया गया था, जिसके बाद इस भवन का उपयोग बाल आश्रम के रूप में किया जाने लगा।


    वर्तमान में आश्रम में लगभग 10 बच्चे रह रहे हैं, जिनमें अनाथ, बेसहारा, असहाय तथा ऐसे बच्चे शामिल हैं जिन्हें विभिन्न परिस्थितियों में उनके अभिभावकों द्वारा यहां रखा गया है। इन बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से यह केंद्र संचालित किया जा रहा है।

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    एसडीएम बंजार ने निरीक्षण के दौरान आश्रम प्रबंधन को निर्देश दिए कि बच्चों की देखभाल एवं सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के हित सर्वोपरि हैं और उन्हें बेहतर वातावरण उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

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    इस संबंध में जब आश्रम की प्रभारी नीतू से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वह सोमवार को अवकाश पर थीं, जिसके कारण निरीक्षण के समय आश्रम में उपस्थित नहीं थीं।
    प्रशासन द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण को बच्चों के कल्याण और संस्थान की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • “एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत हिमाचल-केरल की खाद्य संस्कृति से रूबरू हुए विद्यार्थी


    ‘फ्रंट पेज न्यूज़ (शिवराज शर्मा)आनी।


    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी, जिला कुल्लू में सोमवार को भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के अंतर्गत Cuisine Exchange (पारंपरिक व्यंजनों का आदान-प्रदान) विषय पर एक विशेष गतिविधि का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, खान-पान की परंपराओं तथा राष्ट्रीय एकता के महत्व से अवगत कराना था।

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    कार्यक्रम के प्रभारी एवं कला अध्यापक राकेश कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और पारंपरिक संबंधों को सुदृढ़ करना है।

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    इस पहल के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा, कला, परंपराओं और जीवन शैली को समझने का अवसर प्राप्त होता है।
    उन्होंने विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश और केरल राज्य की समृद्ध खाद्य संस्कृति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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    इस अवसर पर विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन धाम, सिड्डू और मद्रा की विशेषताओं से परिचित कराया गया। वहीं, केरल के लोकप्रिय व्यंजन डोसा, इडली, सांभर और सघ्या (Sadya) के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

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    कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने दोनों राज्यों की खान-पान परंपराओं, भोजन तैयार करने की विधियों तथा उनके सांस्कृतिक महत्व को समझा। उन्होंने जाना कि किस प्रकार भारत की विविध खाद्य परंपराएं देश की सांस्कृतिक समृद्धि और विविधता का प्रतिनिधित्व करती हैं।
    विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव, आपसी सम्मान एवं सहयोग की भावना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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    कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों के प्रति अपनी जिज्ञासा और रुचि का प्रदर्शन किया।
    अंत में सभी प्रतिभागियों ने भारत की “विविधता में एकता” की महान भावना को और अधिक सशक्त बनाने तथा देश की विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और विरासतों का सम्मान करने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाला अनुभव बताया।

  • राधे-राधे वेटरनरी फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान का शानदार परीक्षा परिणाम, सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण।

    गौरव चौहान और गौरव ठाकुर संयुक्त रूप से प्रथम, छात्राओं ने भी किया उत्कृष्ट प्रदर्शन


    फ्रंट पेज न्यूज़ (छविंद्र शर्मा)दलाश (कुल्लू)।


    आनी तहसील के अंतर्गत रिवाड़ी (दलाश) स्थित राधे-राधे वेटरनरी फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। संस्थान के द्वितीय वर्ष के अंतिम परीक्षा परिणाम में सभी विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में सफलता प्राप्त कर न केवल संस्थान बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

    परिणाम घोषित होते ही विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा संस्थान प्रबंधन में खुशी की लहर दौड़ गई।
    चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर से संबद्ध इस संस्थान के चेयरमैन डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने परीक्षा परिणाम की घोषणा करते हुए सफल विद्यार्थियों को बधाई दी।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों के युवाओं को पशुपालन एवं पशु-चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संस्थान की स्थापना की गई थी। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि संस्थान के इसी उद्देश्य की सफलता को दर्शाती है।

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    संस्थान प्रबंधन द्वारा जारी परिणाम के अनुसार, द्वितीय वर्ष की अंतिम परीक्षा में गौरव चौहान और गौरव ठाकुर ने 84.50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया। दोनों विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने संस्थान का गौरव बढ़ाया है।

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    वहीं छात्राओं ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। आकृति ने 84.15 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि वास्वी ने 82 प्रतिशत अंक अर्जित कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
    संस्थान के फैकल्टी सदस्यों ने बताया कि विद्यार्थियों ने केवल सैद्धांतिक शिक्षा में ही नहीं बल्कि प्रायोगिक प्रशिक्षण, पशु-स्वास्थ्य प्रबंधन तथा पशु-चिकित्सा संबंधी व्यवहारिक कार्यों में भी उल्लेखनीय दक्षता का परिचय दिया है।

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    उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को शीघ्र आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
    इस अवसर पर संस्थान परिसर में खुशी का माहौल देखने को मिला। चेयरमैन डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, निदेशक सरोज शर्मा, प्रधान कृष्णा देवी, समन्वयक डॉ. निशु चौहान सहित समस्त स्टाफ ने विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को बधाई दी और मिठाइयाँ वितरित कर सफलता का जश्न मनाया।

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    समारोह में स्टाफ सदस्य डॉ. अंकित शर्मा, आशु, आंचल सैनी तथा राधे-राधे परिवार के अन्य सदस्यों ने भी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संस्थान प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि यहां से प्रशिक्षित वेटरनरी फार्मासिस्ट भविष्य में सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर पशुधन संरक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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    विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय संस्थान के आधुनिक आधारभूत ढांचे, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था तथा अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया।
    इस अवसर पर संस्थान की समन्वयक डॉ. निशु चौहान ने बताया कि सत्र 2026-28 के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 15 अगस्त 2026 तक संस्थान में व्यक्तिगत रूप से अथवा ऑनलाइन माध्यम से प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह संस्थान पांच जिलों के मध्य स्थित अपनी तरह का एकमात्र वेटरनरी फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान है, जो हिमाचल प्रदेश सरकार एवं सीएसकेएचपीकेवी, पालमपुर से संबद्ध है।

    अचिंत्य कैंपिंग जिभी


    संस्थान की इस उपलब्धि ने न केवल क्षेत्र के युवाओं को प्रेरित किया है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित मार्गदर्शन मिलने पर विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

  • नग्गर स्थित विश्व जागृति मिशन आश्रम पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, परिवार सहित पूजा-अर्चना एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में लिया भाग।


    फ्रंट पेज न्यूज़(नगर) कुल्लू।

    भारत के पूर्व राष्ट्रपति Ram Nath Kovind इन दिनों अपने निजी प्रवास पर कुल्लू-मनाली दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने परिवार सहित नग्गर क्षेत्र में स्थित विश्व जागृति मिशन आश्रम पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। आश्रम में उनके आगमन पर पारंपरिक कुल्लवी रीति-रिवाजों के अनुसार उनका स्वागत एवं सम्मान किया गया।

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    विश्व जागृति मिशन, पूज्य Sudhanshu Ji Maharaj के मार्गदर्शन में देशभर में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए कार्य कर रहा है। मिशन के विभिन्न राज्यों में स्थापित आश्रमों के माध्यम से आध्यात्मिक शिक्षा, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा समाजसेवा से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।

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    पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने प्रवास के दौरान आश्रम में आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में सहभागिता की। आश्रम परिसर में उनके स्वागत और प्रवास को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए, जिससे पूरा कार्यक्रम गरिमामय एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ।

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    जानकारी के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान कुछ दिनों तक आश्रम में रहकर आध्यात्मिक वातावरण में समय व्यतीत करेंगे। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

  • जनगणना 2027 के प्रथम चरण में स्वयं गणना की सुविधा, 1 से 15 जून तक कर सकेंगे पंजीकरण।


    फ्रंट पेज न्यूज़,बंजार।


    उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बंजार पंकज शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत नागरिकों को स्वयं गणना (Self Enumeration) की सुविधा प्रदान की गई है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने परिवार एवं व्यक्तिगत विवरण स्वयं दर्ज कर सकते हैं।

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    उन्होंने बताया कि स्वयं गणना पोर्टल (se.census.gov.in) आम जनता के लिए 1 जून 2026 से 15 जून 2026 तक खुला रहेगा। इस अवधि के दौरान लोग घर बैठे अपने मोबाइल, कंप्यूटर अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से जनगणना संबंधी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।

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    उपमंडल अधिकारी (नागरिक) ने कहा कि स्वयं गणना की यह व्यवस्था जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे नागरिकों को सुविधा मिलने के साथ-साथ जनगणना कार्य को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।

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    उन्होंने क्षेत्र के सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे निर्धारित अवधि के भीतर पोर्टल पर जाकर स्वयं गणना प्रक्रिया में भाग लें तथा सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करें। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा विभिन्न सरकारी नीतियों के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार होती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।

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    उपमंडल अधिकारी (नागरिक) पंकज शर्मा ने कहा कि अधिक से अधिक लोग इस डिजिटल पहल से जुड़ें और जनगणना 2027 को सफल बनाने में अपना योगदान दें।
    महत्वपूर्ण जानकारी:
    कार्यक्रम: जनगणना 2027 (प्रथम चरण)
    सुविधा: स्वयं गणना (Self Enumeration)
    पोर्टल: se.census.gov.in
    अवधि: 1 जून 2026 से 15 जून 2026 तक
    माध्यम: मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर एवं इंटरनेट आधारित ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से आप कर सकते हैं।