फ्रंट पेज न्यूज़,छबिंद्र शर्मा (आनी)
आनी क्षेत्र के दलाश रिवा स्थितडी राधे-राधे वेटरनरी फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान के छात्र-छात्राओं का 7 दिवसीय शैक्षिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने आगरा, वृंदावन, मथुरा, अमृतसर और चंडीगढ़ सहित कई ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान छात्रों ने ताजमहल सहित आगरा के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया और मुगलकालीन स्थापत्य कला के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद वृंदावन में प्रेम मंदिर, बांके बिहारी मंदिर और निधिवन के दर्शन कर भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं को करीब से समझा।

मथुरा-वृंदावन क्षेत्र देश के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके पश्चात छात्र अमृतसर पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्ण मंदिर में मत्था टेककर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।

साथ ही जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जाना। वाघा बॉर्डर पर आयोजित रिट्रीट सेरेमनी ने छात्रों में देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया। भ्रमण के अंतिम चरण में छात्र चंडीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने नेक चंद द्वारा रॉक गार्डन का भ्रमण किया। यहां छात्रों ने आधुनिक शहरी नियोजन और स्वच्छता व्यवस्था का अध्ययन किया।


संस्थान के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने इस शैक्षिक भ्रमण के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को कक्षा के बाहर व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक ज्ञान प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सामाजिक समझ को विकसित करते हैं। साथ ही, यह छात्रों को विभिन्न ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों के महत्व को प्रत्यक्ष रूप से जानने और समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षिक गतिविधियों को निरंतर आयोजित करने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।

संस्थान के कोऑर्डिनेटर डॉ. निशु चौहान ने कहा कि ऐसे शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। इससे छात्रों को इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र की विरासत को समझने का अवसर मिलता है। उल्लेखनीय है कि विभिन्न विद्यालयों द्वारा समय-समय पर ऐसे भ्रमण आयोजित किए जाते हैं, जिनसे छात्र ऐतिहासिक धरोहरों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करते हैं। इस शैक्षिक भ्रमण में निर्देशक डॉ. सरोज शर्मा, सहायक प्रोफेसर डॉ. अंकित शर्मा, वेटरनरी फार्मासिस्ट आशु एवं गैर-शिक्षण स्टाफ सरोजना देवी, दीक्षित भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे और उन्होंने पूरे भ्रमण के दौरान मार्गदर्शन किया। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षिक गतिविधियों को निरंतर आयोजित करने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।

















