फ्रंट पेज न्यूज़,शिमला।
राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लंबित वित्तीय मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण जैसी लंबित देनदारियों का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में मुख्यमंत्री ने करुणामूलक आधार पर नौकरी की मांग करने वाले आवेदकों का विस्तृत ब्यौरा भी विभागों से मांगा, जिससे इन मामलों में समयबद्ध निर्णय लिया जा सके। उन्होंने विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश देते हुए कहा कि आवश्यक पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

इसी क्रम में सरकार द्वारा जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (JOA) के 500 पदों पर भर्ती का निर्णय भी दोहराया गया।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी सेवाओं में नियुक्ति से पहले अभ्यर्थियों का डोप टेस्ट अनिवार्य बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जाएं। साथ ही चिट्टा तस्करी से जुड़े मामलों में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता पाए जाने पर की गई कार्रवाई का पूरा विवरण उपलब्ध करवाने को कहा।

बैठक में हाल ही में आए तूफान से वन क्षेत्रों में गिरे और उखड़े पेड़ों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को ऐसे पेड़ों का आंकड़ा एकत्रित करने और उनके शीघ्र निपटान के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि 1 जून से विशेष अभियान चलाकर गिरे हुए पेड़ों को हटाया जाएगा, ताकि संसाधनों की क्षति को रोका जा सके और वन क्षेत्रों का प्रबंधन बेहतर ढंग से किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विभिन्न विभागों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और प्रशासनिक कार्यों में गति लाने पर भी जोर दिया।












