फ्रंट पेज न्यूज़,कुल्लू।
पंचायती राज चुनाव-2026 के तीसरे एवं अंतिम चरण में कुल्लू जिला के ग्रामीण मतदाताओं ने लोकतंत्र के महापर्व में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाते हुए 84.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया। पूरे जिला में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।


मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और महिलाओं, युवाओं तथा बुजुर्गों ने भी बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा ने बताया कि पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में जिले की सभी पंचायतों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन द्वारा मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे, जिसके चलते कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त नहीं हुई।

उन्होंने बताया कि विभिन्न विकास खंडों में मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रहा। विकास खंड बंजार में सर्वाधिक 87.55 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि विकास खंड नग्गर में 86.60 प्रतिशत, भूंतर में 84.85 प्रतिशत, निरमंड में 84.67 प्रतिशत, आनी में 82.19 प्रतिशत तथा कुल्लू विकास खंड में 81.76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़े ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति लोगों के विश्वास और जागरूकता को दर्शाते हैं।

उपायुक्त ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा बलों तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के कारण मतदान प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
उन्होंने चुनाव ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी निष्ठा और समर्पण से चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकी। साथ ही उन्होंने मतदाताओं का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पंचायती राज व्यवस्था को लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव बताते हुए उपायुक्त ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। अब प्रदेशभर में चुने जाने वाले नए पंचायत प्रतिनिधियों पर ग्रामीण जनता की बड़ी उम्मीदें टिकी होंगी। लोगों की अपेक्षा रहेगी कि नव-निर्वाचित प्रधान, उपप्रधान, पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य व्यक्तिगत या क्षेत्रीय हितों से ऊपर उठकर पूरी पंचायत के समग्र और संतुलित विकास के लिए कार्य करेंगे।

तीन चरणों में संपन्न हुए पंचायत चुनावों के साथ प्रदेश में गांव की सरकार चुनने की प्रक्रिया अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। प्रधान, उपप्रधान और पंच पदों के अधिकांश परिणाम देर शाम तक स्पष्ट हो जाएंगे, जबकि पंचायत समिति (बीडीसी) और जिला परिषद सदस्यों की मतगणना 31 मई को होगी। इसके साथ ही पंचायत चुनाव-2026 की संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी।

ग्रामीण लोकतंत्र के इस महापर्व में कुल्लू जिला के मतदाताओं ने जिस उत्साह और जिम्मेदारी के साथ भागीदारी निभाई है, उसने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र की असली ताकत गांवों में बसती है। अब सभी की निगाहें मतगणना और नए जनप्रतिनिधियों के चयन पर टिकी हैं, जो आने वाले वर्षों में ग्रामीण विकास की दिशा तय करेंगे।












