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लोकतंत्र को रंजिश और षड्यंत्र से बचाने की जरूरत : डॉ. मुकेश शर्मा


 

फ्रंट पेज न्यूज़, छविंद्र शर्मा आनी।


बंजार, 17 मई। ऑल इंडिया क्राइम एंड ग्रीवेंस के सदस्य एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. मुकेश शर्मा ने पंचायत चुनावों को लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताते हुए कहा कि आज गांवों की राजनीति रिश्तों की खींचतान और व्यक्तिगत रंजिशों के कारण प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव गांव के विकास और जनहित के लिए होने चाहिए, लेकिन कुछ लोग इसे आपसी लड़ाई और षड्यंत्र का माध्यम बना रहे हैं।

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डॉ. शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की इस प्रक्रिया पर लगातार आघात हो रहा है। कुछ लोग चुनाव के दौरान समाज को बांटने, लोगों को आपस में लड़ाने और एक-दूसरे को नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों को गांव के विकास, समाज के उत्थान या आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं होता, बल्कि उनकी प्राथमिकता केवल व्यक्तिगत रंजिश निकालना होती है।


उन्होंने कहा कि इसी कारण बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याएं पीछे छूट जाती हैं और राजनीति केवल स्वार्थ तक सीमित होकर रह जाती है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।


डॉ. मुकेश शर्मा ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि जागरूक और समझदार मतदाता इस व्यवस्था को बदलने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में वोट रिश्तेदारी, दबाव या व्यक्तिगत रंजिश के आधार पर नहीं, बल्कि गांव के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर दिया जाना चाहिए।


उन्होंने कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि गांव के भविष्य को तय करने का माध्यम है। सही उम्मीदवार के चयन से गांव में सड़क, शिक्षा, स्वच्छता, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाया जा सकता है।


डॉ. शर्मा ने सभी ग्रामीणों से एकजुट होकर ऐसे समाज के निर्माण का आह्वान किया, जहां चुनाव आपसी द्वेष का नहीं बल्कि विकास और उत्थान का माध्यम बनें।

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