फ्रंट फेस न्यूज़,बंजार।
पंचायती राज चुनाव-2026 के तीनों चरणों के परिणाम सामने आने के बाद उपमंडल बंजार के गांव-गांव में हार-जीत का विश्लेषण जारी है। पहले चरण में 26 मई को 14 पंचायतों तथा दूसरे चरण में 28 मई को 14 पंचायतों के परिणाम घोषित हुए थे। तीसरे और अंतिम चरण में 30 मई को 12 पंचायतों के नतीजे सामने आए।
चुनावी सरगर्मियां थमने के बाद अब चौपालों, बाजारों और घरों में यह चर्चा जोरों पर है कि किस पंचायत में कौन जीता, किसे हार का सामना करना पड़ा और जीत-हार का अंतर कितना रहा।
तीसरे चरण की पंचायतों में कई स्थानों पर कांटे की टक्कर देखने को मिली तो कई पंचायतों में मतदाताओं ने स्पष्ट जनादेश दिया। परिणामों के अनुसार—

ग्राम पंचायत नुहांडा
देऊरीधार पंचायत में प्रधान पद पर तीलमणी ने निर्मला देवी को 224 मतों से पराजित किया, जबकि उपप्रधान पद पर नीमत राम ने 380 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।


कनौन पंचायत में प्रधान पद पर प्रीतम सिंह ने 239 मतों से विजय हासिल की, जबकि उपप्रधान पद का मुकाबला बेहद रोचक रहा जहां योगेंद्रपाल सिंह ने श्याम लाल को मात्र 7 मतों से हराया।
धाऊगी पंचायत में प्रधान पद पर जीत राम ने 204 मतों तथा उपप्रधान पद पर टेक राम ने 205 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
लारजी पंचायत में प्रधान पद पर ममता देवी ने सुमन को केवल 18 मतों से हराया, जबकि उपप्रधान पद पर टिकम राम ने 141 मतों से जीत हासिल की।
देवठा पंचायत में प्रधान पद पर वेली राम ने 75 मतों तथा उपप्रधान पद पर खेम राज ने 69 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
मंगलौर पंचायत में प्रधान पद पर दुले सिंह ने 102 मतों से जीत हासिल की, जबकि उपप्रधान पद पर नौक सिंह ने 202 मतों के अंतर से विजय प्राप्त की।
कलवारी पंचायत में प्रधान पद पर रितम चंद ने डाबे राम को 450 मतों से हराकर सबसे बड़ी जीत दर्ज की। वहीं उपप्रधान पद पर दलीप सिंह ने रूपेश चंद को 474 मतों के विशाल अंतर से पराजित किया।
नोहांडा पंचायत में प्रधान पद पर रमेश डोगरा ने 158 मतों तथा उपप्रधान पद पर रूप चंद ने 38 मतों के अंतर से जीत हासिल की।
शर्ची पंचायत में प्रधान पद पर सुरेंद्र ठाकुर ने 142 मतों और उपप्रधान पद पर उत्तम राम ने 77 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

कंडीधार पंचायत में प्रधान पद पर संदीप भास्कर ने 81 मतों तथा उपप्रधान पद पर रोशन लाल ने 92 मतों के अंतर से विजय हासिल की।

शिकारीघाट पंचायत में महिला आरक्षित प्रधान पद पर दुर्गा देवी ने किरणा ठाकुर को 266 मतों से पराजित किया, जबकि उपप्रधान पद पर गिरधारी लाल ने 107 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

मोहनी पंचायत में प्रधान पद पर हिमा देवी ने वीना देवी को केवल 22 मतों से हराया, जबकि उपप्रधान पद पर लीलादत्त ने 130 मतों के अंतर से विजय प्राप्त की।

चुनाव परिणामों के बाद अब हर पंचायत में समर्थक और प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर मतदान के रुझानों का अध्ययन कर रहे हैं। कहीं कुछ मतों की कमी हार का कारण बनी तो कहीं बड़े अंतर से मिली जीत ने उम्मीदवारों की लोकप्रियता को साबित किया।
कनौन में उपप्रधान पद की 7 मतों की जीत, मोहनी वार्ड में 9 मतों का अंतर और लारजी पंचायत में प्रधान पद पर केवल 18 मतों का फासला इस बात का प्रमाण है कि पंचायत चुनावों में एक-एक वोट कितना महत्वपूर्ण होता है।
दूसरी ओर कलवारी पंचायत में प्रधान पद पर 450 तथा उपप्रधान पद पर 474 मतों के रिकॉर्ड अंतर ने स्पष्ट कर दिया कि वहां मतदाताओं ने एकतरफा जनादेश दिया।
इसी प्रकार शिकारीघाट, धाऊगी और मंगलौर पंचायतों में भी विजयी उम्मीदवारों को मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ।
अब चुनावी शोर थम चुका है, लेकिन गांवों की चौपालों में चर्चा अभी भी जारी है। लोग अपनी-अपनी राजनीतिक समझ के अनुसार यह विश्लेषण कर रहे हैं कि किस प्रत्याशी की जीत के पीछे कौन से कारण रहे और पराजित उम्मीदवारों से कहां चूक हुई। पंचायत चुनावों का यह राजनीतिक मंथन आने वाले कई दिनों तक बंजार की ग्रामीण राजनीति का प्रमुख विषय बना रहेगा। फ्रंट पेज न्यूज़ की ओर से सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई और शुभकामनाएं ।















