हाईकोर्ट के हालिया निर्णय और आरक्षण व्यवस्था के बीच रोचक मोड़ पर पहुंची नगर पंचायत बंजार की सत्ता की तस्वीर।
फ्रंट पेज न्यूज़,बंजार।
नगर पंचायत बंजार के नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आगामी 8 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा। उपमंडलाधिकारी (ना.) बंजार ने जानकारी देते हुए बताया कि उपायुक्त कुल्लू द्वारा प्रदत्त प्राधिकरण तथा राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश की अधिसूचना के अनुसार नगर पंचायत बंजार के नव-निर्वाचित सदस्यों को नगर पंचायत कार्यालय के बैठक कक्ष में दोपहर 2:30 बजे शपथ दिलाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1994 की धारा-27 के तहत सभी निर्वाचित सदस्यों को विधिवत शपथ दिलाई जाएगी, जिसके बाद नगर पंचायत के गठन और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव 17 मई 2026 को सम्पन्न हुए थे तथा मतदान के दिन ही अधिकांश निकायों की तस्वीर स्पष्ट हो गई थी। चुनाव परिणाम घोषित होने के बावजूद लगभग तीन सप्ताह तक नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ नहीं दिलाई गई, जिससे विभिन्न राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी रहा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस देरी के पीछे पंचायत एवं निकाय संस्थाओं में विधायकों की मतदान संबंधी भूमिका को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया भी एक प्रमुख कारण रही।

दरअसल, नगर निकायों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव में विधायक की भागीदारी और मतदान अधिकार को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन था। हाल ही में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के बाद प्रदेशभर के कई निकायों में राजनीतिक समीकरण बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं।

नगर पंचायत बंजार की स्थिति विशेष रूप से रोचक मानी जा रही है। सात सदस्यीय नगर पंचायत में वर्तमान स्थिति के अनुसार चार पार्षद कांग्रेस समर्थित, दो भाजपा समर्थित तथा एक निर्दलीय सदस्य निर्वाचित हुआ है। संख्या बल कांग्रेस के पक्ष में दिखाई देता है, लेकिन अध्यक्ष पद की आरक्षण व्यवस्था ने राजनीतिक गणित को जटिल बना दिया है।


नगर पंचायत बंजार में अध्यक्ष का पद महिला अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। इस श्रेणी में वार्ड नंबर-6 से निर्विरोध निर्वाचित धनवंती देवी ही एकमात्र पात्र सदस्य हैं।

धनवंती देवी को भाजपा समर्थक माना जा रहा है, जिसके कारण अध्यक्ष पद के लिए उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि धनवंती देवी के नाम का प्रस्ताव और अनुमोदन नियमानुसार हो जाता है तो उनके अध्यक्ष बनने की संभावना प्रबल है।

हालांकि, हालिया न्यायिक निर्णयों के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों और विभिन्न दलों की रणनीतियों के चलते अंतिम तस्वीर शपथ ग्रहण के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
अब सबकी निगाहें 8 जून को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह तथा उसके बाद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि संख्या बल, आरक्षण व्यवस्था और राजनीतिक समझौते किस प्रकार नगर पंचायत बंजार के नेतृत्व का निर्धारण करते हैं।















