फ्रंट पेज न्यूज़ (राज शर्मा)आनी।
भारत सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम जनगणना-2027 के सफल संचालन को लेकर तहसील आनी में जनगणना सुपरवाइजरों और प्रगणकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को पंचायत समिति सभागार आनी में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन तहसीलदार आनी एवं जनगणना चार्ज ऑफिसर रत्नेश्वर शर्मा ने किया।

इस अवसर पर रत्नेश्वर शर्मा ने बताया कि आनी तहसील में कुल 92 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) निर्धारित किए गए हैं। जनगणना कार्य के सुचारू संचालन के लिए 16 सुपरवाइजर तथा 89 प्रगणकों की नियुक्ति की गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम चरण में 2 जून से 4 जून तक 5 सुपरवाइजरों और 30 प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके बाद द्वितीय चरण 5 जून से 6 जून तथा तृतीय चरण 7 जून से 9 जून तक आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए रोहित कटोच और राधिका, सहायक प्रोफेसर, राजकीय महाविद्यालय आनी को फील्ड ट्रेनर नियुक्त किया गया है, जो प्रतिभागियों को जनगणना संबंधी सभी तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देंगे।

चार्ज ऑफिसर ने कहा कि जनगणना का पहला चरण 16 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक संचालित होगा। इस दौरान मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना का कार्य किया जाएगा। इसके पश्चात दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसमें जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का संकलन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 में डिजिटल तकनीक और मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग को विशेष महत्व दिया गया है। साथ ही नागरिकों को भी जनगणना प्रक्रिया में सहभागी बनाने के उद्देश्य से 1 जून से 15 जून 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा जनगणना पोर्टल पर उपलब्ध करवाई गई है।


प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रश्नावली एवं प्रपत्र भरने की विधि, घर-घर जाकर परिवारों और मकानों की सही जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया, प्रश्नावली में शामिल 33 प्रमुख बिंदुओं एवं प्रश्नों को सही ढंग से भरने, ले-आउट मैप्स को समझने एवं तैयार करने, प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं तथा फील्ड में आने वाली व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं के समाधान संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।

रत्नेश्वर शर्मा ने प्रशिक्षण में भाग ले रहे सभी कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम के तहत निर्धारित कानूनी प्रावधानों और गोपनीयता के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार की विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के वितरण का आधार होते हैं।
इसलिए जनगणना कार्य में सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों से अपने दायित्वों का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना कार्य को प्रभावी, त्रुटिरहित और सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।














