फ्रंट पेज न्यूज़,कुल्लू।
प्रदेश में पिछले लगभग एक माह से चल रही पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। इस दौरान ग्राम पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान, पंचायत सदस्य, पंचायत समिति (बीडीसी) सदस्य तथा जिला परिषद सदस्यों के चुनाव शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक वातावरण में संपन्न हुए।

अधिकांश क्षेत्रों में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया बिना किसी बड़े विवाद के पूर्ण हुई, जिसके बाद अब सभी की निगाहें पंचायत समिति अध्यक्ष तथा जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव पर टिक गई हैं।

कुल्लू जिला में भी जिला परिषद और पंचायत समिति के सभी परिणाम सामने आ चुके हैं।जिला परिषद के लिए वशिष्ट वार्ड से ठाकुर दास, लराकेलो से अनिल राणा, बरशैणी से प्रवीण कुमार, ज्येष्ठा से विभा सिंह, धाऊगी से गिरधारी लाल, चायल से पिंकी देवी, ब्रो से नीना, बखनाओ से सुनील कुमार, लजेहरी से रीमा देवी,
बलागाड़ से कुसुम लता, जरड़ भुटी कॉलोनी से प्रकाश चंद, मोहल से निशा, डुधीलग से राज कुमार तथा कटराई से जिंदू देवी सहित विभिन्न वार्डों से प्रतिनिधि निर्वाचित होकर जिला परिषद पहुंचे हैं।

चुनाव परिणामों के बाद अब राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों और समर्थित उम्मीदवारों द्वारा जिला परिषद तथा पंचायत समिति में बहुमत के आंकड़े जुटाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। आगामी दिनों में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव होने हैं, जिन पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है।


यह देखना दिलचस्प होगा कि नवनिर्वाचित सदस्य किस उम्मीदवार को अगले पांच वर्षों के लिए जिला परिषद अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपते हैं और किस राजनीतिक दल अथवा गुट का जिला परिषद में प्रभाव अधिक रहता है।
इसी प्रकार पंचायत समिति स्तर पर भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं।

पंचायत समिति के नवनिर्वाचित सदस्य अपने-अपने स्तर पर रणनीति तैयार कर रहे हैं और राजनीतिक दल भी संगठनात्मक ताकत दिखाने में जुट गए हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति अध्यक्ष पदों के चुनाव से आने वाले समय में जिले की विकास योजनाओं, प्राथमिकताओं और स्थानीय राजनीतिक दिशा का भी निर्धारण होगा।

पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास की आधारशिला मानी जाती है। ऐसे में नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से लोगों को विकास कार्यों में तेजी, जनसमस्याओं के समाधान और पारदर्शी प्रशासन की अपेक्षा है। अब चुनावी प्रक्रिया का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों का चयन शेष है, जिसके बाद जिले में पंचायती राज संस्थाओं का नया नेतृत्व पूरी तरह से आकार ले लेगा।














