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देवता श्रृंगा ऋषि की सकीर्ण देव यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता।


 



फ्रंट पेज न्यूज़,बंजार:


ज्येष्ठ संक्रांति की पूर्व संध्या पर कुल्लू जिला के बंजार क्षेत्र में स्थित आराध्य देवता श्रृंगा ऋषि की पवित्र सकीर्ण देव यात्रा आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम बनकर सामने आई। देवता श्रृंगा ऋषि अपने मूल स्थान वागी से तपोस्थली सकीर्ण के लिए पारंपरिक वाध्य यंत्रों और देव ध्वनियों के बीच भव्य यात्रा के रूप में रवाना हुए, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपनी गहरी आस्था प्रकट की।

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देव यात्रा वागी से आरंभ होकर कठिन और लंबे पहाड़ी मार्गों से गुजरती हुई देर शाम सकीर्ण पहुंची। लगभग 8000 फीट की ऊंचाई पर स्थित सकीर्ण क्षेत्र बंजार मुख्यालय से करीब 12-14 किलोमीटर की सीधी खड़ी चढ़ाई पर स्थित है। हालांकि कई श्रद्धालु अन्य पारंपरिक मार्गों से भी यहां पहुंचते हैं।

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सकीर्ण पहुंचने के बाद पूरी रात “सकीर्ण जागरण” का आयोजन होता है, जिसे क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं में गिना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु खुले आसमान के नीचे पूरी रात जागरण करते हैं। यहां केवल एक छोटा सा देव मंदिर मौजूद है, जबकि अधिकांश लोग पहाड़ी ढलानों पर टेंट लगाकर अथवा खुले में रात्रि विश्राम करते हैं। पूरी रात श्रद्धालु भजन-कीर्तन, देव आस्था और लोक परंपराओं के बीच जागरण करते हुए दिखाई देते हैं।

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श्रद्धालुओं का मानना है कि सकीर्ण देऊली अत्यंत पवित्र और मनोकामना पूर्ण करने वाला स्थल है। बच्चों के मुंडन संस्कार, मन्नतें पूरी होने तथा पारिवारिक सुख-समृद्धि की कामना को लेकर बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।
इस पवित्र देव आयोजन में पांच कोठी देऊलुओं (हारियान) के अलावा आउटर सिराज, इनर सिराज तथा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। देव संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़े लोग इसे क्षेत्र की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर मानते हैं।

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देव यात्रा के दौरान पारंपरिक वाध्य यंत्रों की गूंज, पहाड़ों के बीच उमड़ती श्रद्धा और हजारों लोगों की सहभागिता ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं बड़ी संख्या में युवा और पर्यटक भी इस अनूठी और रोमांचकारी देव यात्रा का अनुभव लेने के लिए सकीर्ण पहुंचे।

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स्थानीय लोगों के अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सदियों पुरानी देव संस्कृति, लोक विश्वास और सामूहिक आस्था का जीवंत प्रतीक है, जो हर वर्ष हजारों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

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