पति सुरेंद्र कुमार ने व्हीलचेयर पर पहुंचाया मतदान केंद्र, कांपते हाथों से स्वयं डाला वोट
फ्रंट पेज न्यूज़,आनी।

अगर हौसले बुलंद हों तो इंसान बड़ी से बड़ी मुश्किल को भी मात दे सकता है। आनी उपमंडल की ग्राम पंचायत डिंगीधार के गंच्छवा गांव की रहने वाली अनीता कुमारी ने पंचायत चुनावों में मतदान कर इसी जज्बे की मिसाल पेश की है। गंभीर बीमारी और महीनों तक जिंदगी-मौत से संघर्ष करने के बावजूद अनीता ने लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेकर पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का संदेश दिया है।

जानकारी के अनुसार इसी वर्ष जनवरी माह में अनीता कुमारी को पैरालिसिस (लकवा) का गंभीर अटैक आया था। हालत इतनी नाजुक हो गई थी कि वह पूरी तरह बेसुध हो गईं। जनवरी से अप्रैल तक वह लगभग कोमा जैसी स्थिति में रहीं और कई महीनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रहीं। इस कठिन दौर में परिवार ने भी बेहद चुनौतीपूर्ण समय का सामना किया। अप्रैल माह के बाद उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार शुरू हुआ।
हालांकि अनीता अभी भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं, लेकिन पंचायत चुनाव के दिन उन्होंने मतदान करने की इच्छा जताई। लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के इस संकल्प में उनके पति सुरेंद्र कुमार हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे। सुरेंद्र कुमार अपनी पत्नी को व्हीलचेयर पर बैठाकर गंच्छवा स्थित मतदान केंद्र तक लेकर पहुंचे।

मतदान केंद्र में अनीता ने गंभीर शारीरिक कमजोरी के बावजूद बिना किसी सहायता के अपने कांपते हाथों से स्वयं मतदान किया। उनका यह जज्बा वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायक क्षण बन गया। व्हीलचेयर पर बैठी अनीता की उंगली पर लगी नीली स्याही केवल एक वोट का प्रतीक नहीं थी, बल्कि यह लोकतंत्र के प्रति अटूट विश्वास, मजबूत इच्छाशक्ति और कभी हार न मानने वाले साहस की कहानी भी बयां कर रही थी।
अनीता कुमारी का यह कदम उन लोगों के लिए भी एक प्रेरणा है, जो पूरी तरह स्वस्थ होने के बावजूद मतदान के प्रति उदासीन रहते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र की मजबूती आम नागरिकों की जागरूकता और भागीदारी से ही संभव है।
गौरतलब है कि अनीता कुमारी पूर्व में सामाजिक कार्यों, सांस्कृतिक गतिविधियों, योग तथा महिला समूहों के सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। उनके सामाजिक योगदान और आज के साहसिक कदम की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।












