फ्रंट पेज न्यूज़,बंजार।
जिला स्तरीय बंजार मेले के चौथे दिन कला केंद्र बंजार में विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। दिनभर महिला मंडलों, स्कूली बच्चों तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रमों ने उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

लोक संस्कृति से जुड़े गीत-संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने मेले के वातावरण को जीवंत बनाए रखा।

विशेष रूप से डांस एवं सांस्कृतिक समूहों की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। विभिन्न लोकनृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कलाकारों ने दर्शकों को देर शाम तक बांधे रखा।

कार्यक्रमों में स्थानीय संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जिससे कला केंद्र में उत्साह का माहौल बना रहा।

हालांकि पिछले तीन दिनों की तुलना में चौथे दिन मेले में लोगों की उपस्थिति कुछ बेहतर देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई।


मेले में पहुंचे कई व्यापारियों ने भी कारोबार को लेकर संतोषजनक स्थिति न होने की बात कही। व्यापारियों के अनुसार इस बार बाजार की स्थिति काफी कमजोर बनी हुई है और खरीदारी में भी कमी देखने को मिल रही है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का प्रभाव इस बार मेले पर साफ दिखाई दे रहा है। अधिकांश लोग अपने-अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार और प्रत्याशियों के समर्थन में व्यस्त हैं, जिसके कारण मेले में लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही। यही कारण है कि मेले का उत्साह पहले के वर्षों की तुलना में फीका नजर आ रहा है।

मेले में गुच्छी और वनक्शा की खरीद-फरोख्त भी चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्तमान में गुच्छी का बाजार भाव लगभग 6000 रुपये प्रति किलो तथा वनक्शा का भाव करीब 2000 रुपये प्रति किलो तक बताया जा रहा है। व्यापारियों को उम्मीद है कि यदि मौसम और बाजार की स्थिति अगले कुछ दिनों तक अनुकूल बनी रहती है तो उन्हें कुछ लाभ मिल सकता है।

उल्लेखनीय है कि मेले का समापन 20 मई को होगा। ऐसे में अब अंतिम दिन पर लोगों की भीड़ और व्यापारिक गतिविधियों को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। कुल मिलाकर इस वर्ष का बंजार मेला चुनावी व्यस्तताओं के कारण व्यापारियों और आयोजकों के लिए अपेक्षित उत्साह नहीं ला पाया है।














