फ्रंट पेज न्यूज कुल्लू
कुल्लू जिले के बंजार विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस संगठन इन दिनों गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान के चलते चर्चा में है। हाल ही में ब्लॉक अध्यक्ष पद को लेकर लिए गए फैसले ने पार्टी के भीतर असंतोष को और अधिक उभार दिया है। बिना आवेदन के मोहर सिंह ठाकुर को ब्लॉक अध्यक्ष बनाए जाने के निर्णय पर न केवल सवाल उठ रहे हैं, बल्कि इससे वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच दूरी भी साफ नजर आने लगी है।

बताया जा रहा है कि पार्टी हाईकमान द्वारा गठित पैनल को दरकिनार करते हुए यह नियुक्ति की गई, जिससे संगठनात्मक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। सूत्रों के अनुसार, सर्वे और रिपोर्ट के आधार पर जिन नामों की चर्चा थी, उनमें धनश्याम शर्मा, तेजा सिंह ठाकुर और टीसी महंत प्रमुख रूप से शामिल थे। इन सभी नेताओं ने औपचारिक रूप से आवेदन भी किया था, लेकिन अंतिम निर्णय में उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
इस फैसले के बाद हाल ही में आयोजित मोहर सिंह ठाकुर के सम्मान समारोह में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुए। विशेष रूप से खिमी राम शर्मा, युवा नेता तेजा ठाकुर, धनश्याम शर्मा और टीसी महंत की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है। इसे पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और असंतोष का संकेत माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के फैसले आगामी चुनावों में कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकते हैं। संगठन के भीतर सामंजस्य की कमी और गुटबाजी का असर सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ सकता है।

वहीं, स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि नियुक्तियों में पारदर्शिता और सभी पक्षों को साथ लेकर चलने की नीति नहीं अपनाई गई, तो पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस हाईकमान इस बढ़ते असंतोष को कैसे संभालती है और संगठन में एकजुटता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।














