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170–180 वर्षों बाद सुकेत देवता मेले में पधारेंगे गढ़पति नाग च्वासी सिद्ध

फ्रंट पेज न्यूज़ सुंदरनगर(विजय)
देवभूमि हिमाचल की समृद्ध देव परंपरा के प्रतीक राज्यस्तरीय सुकेत देवता मेला इस वर्ष एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। करसोग घाटी के च्वासी क्षेत्र के आराध्य देव गढ़पति श्री नाग च्वासी सिद्ध जी लगभग 170–180 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अपने प्राचीन च्वासी के गुझू और भव्य रथ छत्र के साथ सुन्दरनगर मेले में शिरकत करेंगे।

22 से 26 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले इस मेले में देवता जी अपने मूल मंदिर महोग से 18 मार्च को सुन्दरनगर के लिए प्रस्थान करेंगे और करीब 170–180 किलोमीटर की देव यात्रा पूरी करेंगे। यात्रा के दौरान पहला पड़ाव करसोग के पुराना बाजार स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, दूसरा पड़ाव पांगणा के श्री महामाया मंदिर, तीसरा पड़ाव रोहाण्डा के श्री कमरूनाग मंदिर और चौथा पड़ाव जैदेवी के माता कामाक्षा मंदिर में होगा, जबकि 22 मार्च को देवता जी का सुन्दरनगर पहुंचना तय है। सुकेत सर्व देवता कमेटी के उपाध्यक्ष रोशन शर्मा ने बताया कि देवता जी को मेले में लाने के लिए कई वर्षों से प्रयास किए जा रहे थे, वहीं मंदिर कमेटी के अध्यक्ष ध्यान सिंह ठाकुर और कारदार टी.सी. ठाकुर ने कहा कि देव आदेश मिलने के बाद पूरे च्वासी क्षेत्र में खुशी का माहौल है। करसोग घाटी के देवी-देवताओं का सुकेत मेले से प्राचीन संबंध रहा है और इस बार नाग च्वासी सिद्ध जी के आगमन से यह आयोजन और भी ऐतिहासिक बन जाएगा। देव प्रेमियों के लिए यह दुर्लभ अवसर होगा जब वे सदियों बाद देवता जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे, वहीं कमेटी अन्य प्राचीन देवताओं को भी मेले में शामिल करने के प्रयास में जुटी हुई है।

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