फ्रंट पेज न्यूज डेस्क।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा है और 1 मार्च को करीब 444 उड़ानों के रद्द होने का अनुमान लगाया गया है, जबकि एक दिन पहले भी सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसल हो चुकी थीं। पश्चिम एशिया के कई देशों द्वारा सुरक्षा कारणों से अपना एयरस्पेस बंद किए जाने से यूरोप, अमेरिका और कनाडा जाने वाले लंबे रूट सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इसी क्रम में Air India ने इन सेक्टरों की 28 उड़ानों को रद्द कर दिया है और अन्य भारतीय एयरलाइंस ने भी कई लॉन्ग-हॉल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। एयरस्पेस बंद होने से विमानों को वैकल्पिक लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे उड़ानों का समय, ईंधन खर्च और परिचालन लागत बढ़ गई है तथा हजारों यात्री अलग-अलग एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। दिल्ली सहित कई हवाई अड्डों पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और फ्लाइट स्टेटस को लेकर अनिश्चितता बनी रही। एयरलाइंस और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला पूरी तरह यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है और हालात सामान्य होने तक रूटों पर आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध जारी रह सकते हैं।


























