फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार (परस राम भारती)।
प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुशेनी में अब शिक्षा व्यवस्था खुद गहरे संकट में घिर गई है।

वर्ष 2023 और 2025 में आई भीषण आपदाओं ने स्कूल भवन को पूरी तरह जमींदोज कर दिया था, जिसके बाद से करीब 400 छात्र-छात्राएं एक निजी भवन में अस्थायी रूप से पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्थानीय समाजसेवी द्वारा यह भवन केवल 31 मार्च 2026 तक उपलब्ध करवाया गया है और इसके बाद कक्षाएं कहाँ लगेंगी, इसे लेकर अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

नया स्कूल भवन अभी तक कागजी प्रक्रियाओं से बाहर नहीं निकल पाया है, जिससे कई अभिभावक आगामी शैक्षणिक सत्र से अपने बच्चों का दाखिला अन्य स्कूलों में करवाने पर विचार करने लगे हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच शनिवार को बाड़ीरोपा स्थित अस्थायी स्कूल भवन में स्कूल प्रबंधन समिति की साधारण बैठक आयोजित हुई, जिसमें माहौल काफी गरम रहा और सदस्यों ने वर्तमान एसएमसी प्रधान शिवा गौतम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया। मतदान के बाद बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ और उन्हें पद से हटा दिया गया। सदस्यों का आरोप था कि आपदा के बाद प्रभावी नेतृत्व और ठोस प्रयास नहीं हो पाए, जिसके कारण बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब स्कूल प्रबंधन समिति प्रधान विहीन हो गई है।

प्रधानाचार्य के.एल. शर्मा के अनुसार उच्च शिक्षा निदेशक के दिशा-निर्देशों के तहत नई कार्यकारिणी के गठन पर आगामी दिनों में निर्णय लिया जाएगा, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है कि 31 मार्च के बाद 400 बच्चों की पढ़ाई कैसे और कहाँ होगी। आपदा की मार झेल रहे इस विद्यालय में प्रबंधन संकट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है और स्थानीय लोगों के साथ अभिभावक प्रशासन व सरकार से शीघ्र स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो और उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।


























