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“एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत हिमाचल-केरल की खाद्य संस्कृति से रूबरू हुए विद्यार्थी


‘फ्रंट पेज न्यूज़ (शिवराज शर्मा)आनी।


राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी, जिला कुल्लू में सोमवार को भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के अंतर्गत Cuisine Exchange (पारंपरिक व्यंजनों का आदान-प्रदान) विषय पर एक विशेष गतिविधि का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, खान-पान की परंपराओं तथा राष्ट्रीय एकता के महत्व से अवगत कराना था।

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कार्यक्रम के प्रभारी एवं कला अध्यापक राकेश कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और पारंपरिक संबंधों को सुदृढ़ करना है।

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इस पहल के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा, कला, परंपराओं और जीवन शैली को समझने का अवसर प्राप्त होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश और केरल राज्य की समृद्ध खाद्य संस्कृति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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इस अवसर पर विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन धाम, सिड्डू और मद्रा की विशेषताओं से परिचित कराया गया। वहीं, केरल के लोकप्रिय व्यंजन डोसा, इडली, सांभर और सघ्या (Sadya) के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

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कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने दोनों राज्यों की खान-पान परंपराओं, भोजन तैयार करने की विधियों तथा उनके सांस्कृतिक महत्व को समझा। उन्होंने जाना कि किस प्रकार भारत की विविध खाद्य परंपराएं देश की सांस्कृतिक समृद्धि और विविधता का प्रतिनिधित्व करती हैं।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव, आपसी सम्मान एवं सहयोग की भावना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों के प्रति अपनी जिज्ञासा और रुचि का प्रदर्शन किया।
अंत में सभी प्रतिभागियों ने भारत की “विविधता में एकता” की महान भावना को और अधिक सशक्त बनाने तथा देश की विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और विरासतों का सम्मान करने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाला अनुभव बताया।

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