फ्रंट पेज न्यूज़,शिमला।
सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक प्रशिक्षण एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संस्थापक शिक्षाविद् तथा अपराध एवं जन शिकायत प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ. मुकेश शर्मा ने शनिवार को लोकभवन, शिमला में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल Kavinder Gupta से शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर डॉ. शर्मा ने रामपुर और दलाश क्षेत्र की विभिन्न जमीनी समस्याओं को राज्यपाल के समक्ष रखा। राज्यपाल ने समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया।
भेंट के दौरान राज्यपाल ने शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में डॉ. शर्मा द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा केंद्र स्थापित करने की पहल को उन्होंने युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।

राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझे और उनका ईमानदारी से निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि जब हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करेगा, तभी समाज वास्तविक रूप से सशक्त बन सकेगा।

डॉ. मुकेश शर्मा एवं उनकी टीम ने कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का पदभार संभालने पर बधाई दी। इस दौरान टीम ने उन्हें पारंपरिक हिमाचली शॉल और टोपी भेंट कर सम्मानित किया, जो हिमाचली संस्कृति में सम्मान और आदर का प्रतीक माना जाता है।
शिष्टाचार भेंट में डॉ. शर्मा के साथ श्रीमती सरोज शर्मा, राधे-राधे वेटरनरी फार्मासिस्ट संस्थान की निर्देशिका एवं समाजसेवी, उद्धव शर्मा तथा मानव कल्याण शिक्षा समिति के कानूनी सलाहकार हेमराज सिद्धू भी उपस्थित रहे।

भेंट के पश्चात डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्यपाल से मुलाकात सकारात्मक और प्रेरणादायक रही। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान तथा विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए यह संवाद महत्वपूर्ण साबित होगा।

डॉ. शर्मा लंबे समय से शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की उनकी पहल से युवाओं को रोजगारोन्मुख अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इस शिष्टाचार भेंट के माध्यम से रामपुर और दलाश क्षेत्र की समस्याएं राज्य के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंची हैं।














