फ्रंट पेज न्यूज़,बंजार।
वर्ष 2023 और 2025 में आई प्राकृतिक आपदाओं की भयावह परिस्थितियों को देखते हुए बंजार प्रशासन ने आगामी मानसून सीजन के लिए समय रहते व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले वर्षों में भारी वर्षा, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण बंजार उपमंडल की सड़क, बिजली, पानी और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

कई दिनों तक क्षेत्र का संपर्क जिला मुख्यालय कुल्लू तथा प्रदेश के अन्य भागों से कट गया था, जिससे स्थानीय लोगों, पर्यटकों, किसानों और व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।

उपमंडलाधिकारी (नागरिक) पंकज शर्मा बंजार ने 9 जून 2026 को प्रातः 11:30 बजे खंड विकास कार्यालय बंजार के सम्मेलन कक्ष में उपमंडलीय स्तरीय मानसून पूर्व तैयारी बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।

बैठक में पुलिस विभाग, वन विभाग, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, लोक निर्माण विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, जल शक्ति विभाग, एनएचपीसी, एचपीपीसीएल, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, अग्निशमन विभाग, आयुष विभाग तथा शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। इसके अतिरिक्त नगर पंचायत बंजार, पर्यटन विकास संगठनों तथा अन्य संबंधितौ संस्थाओं के प्रतिनिधि भी बैठक में भाग लेंगे।

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बैठक का उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए विभागवार तैयारियों की समीक्षा करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यदि किसी स्थान पर सड़क अवरुद्ध होती है, बिजली या पेयजल आपूर्ति बाधित होती है अथवा संचार व्यवस्था प्रभावित होती है तो संबंधित विभाग पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार तुरंत कार्रवाई कर सकें।

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बैठक में विशेष रूप से उन संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा की जाएगी जहां पूर्व में भूस्खलन, बाढ़ अथवा सड़क अवरोध की घटनाएं सामने आई थीं। साथ ही राहत एवं बचाव उपकरणों की उपलब्धता, आवश्यक मशीनरी की तैनाती, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, खाद्य सामग्री की आपूर्ति, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था तथा संचार नेटवर्क को बनाए रखने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

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प्रशासन का मानना है कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, पर्यटन कारोबारियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। इसी दृष्टि से बैठक में जनसहयोग बढ़ाने और आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

उपमंडल प्रशासन का प्रयास है कि संभावित चुनौतियों का पूर्व आकलन कर ऐसी रणनीति तैयार की जाए जिससे किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शीघ्रता से संचालित किए जा सकें। 2023 और 2025 की आपदाओं से मिले अनुभवों के आधार पर इस बार मानसून से पहले ही व्यापक तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में प्रशासन और जनता मिलकर प्रभावी ढंग से उसका सामना कर सकें।
















