फ्रंट पेज न्यूज़ (राज शर्मा)आनी।
जिला स्तरीय आनी मेले के समापन को एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राजा रघुबीर सिंह स्टेडियम में लगी अस्थायी दुकानें और डोम अब तक नहीं हटाए गए हैं। इस स्थिति को लेकर आनी कस्बे के करीब 400 छोटे-बड़े व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन और मेला कमेटी द्वारा तय समयसीमा के बावजूद कार्रवाई न होने से स्थानीय कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, जिला स्तरीय आनी मेला इस वर्ष 8 से 11 मई तक आयोजित किया गया था। मेले से पहले एसडीएम आनी लक्ष्मण कनेट की अध्यक्षता में हुई मेला कमेटी की बैठक में व्यापारियों ने मांग उठाई थी कि मेले के बाद अस्थायी दुकानों और डोम को हटाने की अंतिम तिथि स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए, ताकि स्थानीय व्यापार प्रभावित न हो।

बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि 30 मई तक सभी अस्थायी ढांचे हटा दिए जाएंगे।
व्यापारियों का कहना है कि हर वर्ष मेले के बाद बाहरी व्यापारियों की दुकानें कई-कई महीनों तक लगी रहती हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उनका तर्क है कि स्थानीय व्यापारी वर्षभर भारी किराया, कर एवं अन्य व्यावसायिक खर्च वहन करते हैं तथा प्रशासनिक आयोजनों में भी सहयोग देते हैं।

इसके बावजूद कुछ अस्थायी दुकानदार बिना पूर्ण औपचारिकताओं के लंबे समय तक डटे रहते हैं और स्थानीय व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
व्यापारियों के अनुसार, 30 मई की समयसीमा गुजरने के बाद प्रशासन ने 7 जून तक दुकानें हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन 12 जून तक भी स्टेडियम की स्थिति में कोई विशेष बदलाव नहीं आया। इससे व्यापारियों में नाराजगी और बढ़ गई है।

व्यापार मंडल आनी के प्रधान विनोद चंदेल ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही एसडीएम आनी से मुलाकात करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्टेडियम को जल्द खाली नहीं कराया गया तो व्यापारी विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
वहीं पंचायत निरीक्षक आनी जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि दुकानों को हटाने के प्रयास जारी हैं तथा संबंधित कमेटी बीडीओ कार्यालय के अधीन कार्य करती है। दूसरी ओर बीडीओ आनी विवेक कुमार ने कहा कि यह निर्णय उनके कार्यभार संभालने से पहले लिया गया था और वे मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कदम उठाएंगे।
इस संबंध में एसडीएम आनी लक्ष्मण कनेट ने कहा कि विकास खंड कार्यालय और मेला कमेटी को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा शीघ्र ही उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि मेले जैसे आयोजनों का उद्देश्य क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है, लेकिन यदि अस्थायी दुकानें निर्धारित अवधि से अधिक समय तक बनी रहती हैं तो इसका सबसे अधिक नुकसान उन स्थानीय कारोबारियों को उठाना पड़ता है जो पूरे वर्ष नियमित रूप से अपने व्यवसाय का संचालन करते हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए आवश्यक है कि वह तय नियमों और समयसीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे, ताकि स्थानीय व्यापारियों के हित सुरक्षित रह सकें।









