फ्रंट पेज न्यूज़,बंजार।
नगर पंचायत बंजार के नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को नगर पंचायत सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी एवं उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बंजार पंकज शर्मा ने नगर पंचायत के सभी सात निर्वाचित पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

नगर पंचायत चुनाव गत 17 मई को संपन्न हुए थे, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक एवं कानूनी कारणों के चलते निर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण अब जाकर संपन्न हो पाया है।
लगभग एक माह के इंतजार के बाद पार्षदों ने अपने दायित्वों के निर्वहन की औपचारिक शुरुआत की है।

हालांकि शुक्रवार को आयोजित प्रक्रिया के तहत केवल पार्षदों को ही शपथ दिलाई गई। नगर पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव की तिथि अभी तक निर्धारित नहीं की गई है, जिससे स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों में उत्सुकता और चर्चाओं का दौर जारी है।
नगर पंचायत बंजार में अध्यक्ष पद महिला अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के अनुसार कांग्रेस समर्थित पार्षदों के बीच इस आरक्षित वर्ग से कोई महिला प्रतिनिधि निर्वाचित होकर नहीं आई है। दूसरी ओर भाजपा समर्थित पार्षदों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद अध्यक्ष पद को लेकर समीकरण लगातार बदलते दिखाई दे रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष पद के चुनाव में विधायक के मताधिकार के प्रयोग को लेकर न्यायालय में प्रक्रिया विचाराधीन है। इसी कारण अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। न्यायालय के निर्णय पर ही आगामी राजनीतिक घटनाक्रम काफी हद तक निर्भर माना जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि अध्यक्ष चुनाव में विधायक के मत का प्रयोग संभव होता है तो वार्ड नंबर छह से निर्वाचित धनवंती देवी अध्यक्ष पद की मजबूत दावेदार बन सकती हैं। वहीं यदि परिस्थितियां भिन्न दिशा में जाती हैं तो राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल नगर पंचायत बंजार में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। क्षेत्रवासियों, राजनीतिक दलों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की निगाहें अब आगामी निर्णयों पर टिकी हुई हैं। सभी के मन में यही प्रश्न है कि नगर पंचायत की इस राजनीतिक पटकथा का पटाक्षेप कब और किस रूप में होगा।
नगर पंचायत बंजार के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर बना यह सस्पेंस क्षेत्र में चर्चा और जिज्ञासा का प्रमुख विषय बना हुआ है।









