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100 दिनों में सेवा का नया मानक: NSS बंजार की “सोंगी, अनमोल और संवेदना” पहल बनी प्रेरणा।


फ्रंट पेज न्यूज़,बंजार (कुल्लू)।


राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय बंजार की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने समाज सेवा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी तीन प्रमुख जनकल्याणकारी परियोजनाओं—परियोजना सारथी (सोंगी), परियोजना मार्गदर्शक (अनमोल) और परियोजना धण (संवेदना)—के सफल 100 दिन पूर्ण कर लिए हैं। यह उपलब्धि न केवल महाविद्यालय बल्कि समूचे बंजार क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गई है।


17 जनवरी 2026 से शुरू हुई इन पहलों ने “नि:स्वार्थ सेवा, सद्भावना और सामाजिक सौहार्द” के मूल भाव को धरातल पर उतारते हुए समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल पेश की है।स्वास्थ्य सेवा में संवेदनशील पहल: सारथी (सोंगी) के तहत परियोजना सारथी के अंतर्गत NSS स्वयंसेवियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंजार में प्रतिदिन सेवाएं देते हुए मरीजों और उनके तीमारदारों की सहायता की।

स्वास्थ्य सेवा में संवेदनशील पहल: सारथी (सोंगी) के तहत परियोजना सारथी के अंतर्गत NSS स्वयंसेवियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंजार में प्रतिदिन सेवाएं देते हुए मरीजों और उनके तीमारदारों की सहायता की।

पंजीकरण, जांच, मार्गदर्शन और संवाद के माध्यम से हजारों लोगों को सहयोग मिला। स्थानीय बोली में संवाद ने सेवा को आत्मीयता से जोड़ा और मरीजों के बीच विश्वास को मजबूत किया।
यातायात जागरूकता का संदेश: मार्गदर्शक (अनमोल) के तहत
पुलिस प्रशासन के सहयोग से चल रही इस पहल के तहत स्वयंसेवियों ने यातायात प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाई। बीते 100 दिनों में हजारों वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया तथा उन्हें शुभकामना संदेश वितरित किए गए। इस प्रयास ने सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।


पशु संरक्षण की मिसाल: धण (संवेदना)
परियोजना संवेदना के अंतर्गत बेसहारा पशुओं के संरक्षण, उपचार और आहार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया गया। स्वयंसेवियों ने पशु चिकित्सालय के सहयोग से घायल पशुओं का उपचार कराया और उनके लिए भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की। इस पहल ने समाज में करुणा और सह-अस्तित्व का संदेश दिया।
सहयोग और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण
इन परियोजनाओं की सफलता में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन, पशु चिकित्सा विभाग, स्थानीय प्रशासन, व्यापार मंडल और आम नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह सामूहिक प्रयास सामाजिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।


महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राजेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन और कार्यक्रम अधिकारी के कुशल नेतृत्व में NSS स्वयंसेवियों ने अनुशासन, समर्पण और सेवा भावना का परिचय दिया। कार्यक्रम अधिकारी के शब्द— “मेरे बच्चे सबसे अच्छे”—स्वयंसेवियों की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
युवाओं के समग्र विकास की दिशा में पहल
कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार, उच्च शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान नहीं बल्कि संवेदनशीलता, व्यावहारिक कौशल और जीवन मूल्यों का विकास भी है। हाल ही में सामने आए एक सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश में 18 वर्ष तक के 53% बच्चों में तनाव और अवसाद की स्थिति चिंता का विषय बताई गई है। ऐसे में NSS की ये गतिविधियां युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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व्यापार मंडल बंजार के प्रधान प्रमेश शर्मा ने इन गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 100 दिनों में विद्यार्थियों ने ट्रैफिक प्रबंधन, पशु सेवा, स्वच्छता और अन्य सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि यदि युवा प्रारंभ से ही ऐसी व्यावहारिक गतिविधियों से जुड़ें, तो वे अनुशासित, आदर्शवादी और जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं।

NSS इकाई बंजार इन पहलों को और व्यापक स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि यह मॉडल पूरे हिमाचल प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणा बन सके।
NSS इकाई बंजार ने समाज सेवा के इस सतत अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराते हुए समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की है।

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