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ऐतिहासिक धर्म सम्मेलन से गूंजा तुपचिलिंग मठ: विश्व शांति, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश।


फ्रंट पेज न्यूज़,केलांग ।


लाहौल घाटी के प्रसिद्ध तुपचिलिंग मठ में मंगलवार को घाटी का प्रथम ऐतिहासिक धर्म सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विशेष आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से विश्व शांति की कामना की गई, वहीं समाज में एकता, संगठन और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश भी दिया गया।


सम्मेलन में विभिन्न मठों से आए लामाओं, बौद्ध भिक्षुणियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनसमूह की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब मुख्य अतिथि लामा पलजोर (प्रमुख, कारदंग मठ) ने अपने संबोधन में समाज को एकजुट रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक समरसता और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।


लामा पलजोर ने विशेष रूप से लाहौल-स्पीति क्षेत्र में तेजी से बदलते पर्यावरणीय हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए पूरी घाटी को प्लास्टिक मुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दें और स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।


मुख्य वक्ता रूपेश (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने धर्म के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज के उत्थान और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए धर्म एक मजबूत आधार है। उन्होंने लोगों से अपने धार्मिक मूल्यों को अपनाने और आने वाली पीढ़ियों तक उन्हें पहुंचाने का आह्वान किया।

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सम्मेलन की एक विशेष पहल पर्यावरण संरक्षण को लेकर देखने को मिली, जहां प्लास्टिक और डिस्पोजेबल सामग्री के स्थान पर मिट्टी के कुल्हड़ों और पत्तलों का उपयोग किया गया। इस प्रयास को उपस्थित लोगों ने सराहा और इसे अनुकरणीय बताया।
आयोजन समिति के संयोजक लामा नवांग उपासक ने मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, विभिन्न मठों से आए लामाओं तथा सिला गोम्पा से पधारी बौद्ध भिक्षुणियों को पारंपरिक ‘खतक’ भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान सिला गोम्पा की भिक्षुणियों ने ‘मोहलम’ (प्रार्थना) का पाठ किया, जबकि विभिन्न मठों के लामाओं ने ‘ड्रिंगशाग’ महायज्ञ का आयोजन कर धार्मिक वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सम्मेलन को जीवंत बना दिया। मयाढ घाटी के कलाकार आकाश लोनचेंपा और उनकी टीम ने पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। साथ ही केलांग खंड के महिला मंडलों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम का भव्य समापन ‘रिदम ऑफ गरजा पीती’ के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक पारंपरिक नृत्य कर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह प्रचारक ओम प्रकाश, कर्नल अजात शत्रु, नरेंद्र कुमार, देव राज अतुल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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