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पांच दिवसीय बंजार मेला संपन्न, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का सशक्त माध्यम : अनुराग चंद्र शर्मा।


 


फ्रंट पेज न्यूज़,( प्रमेश शर्मा)बंजार।


उपमंडल बंजार का प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक पांच दिवसीय व्यापारिक एवं सांस्कृतिक मेला सोमवार को विधिवत रूप से संपन्न हो गया। मेले के समापन अवसर पर जिलाधीश कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कहा कि मेले हमारी संस्कृति, सभ्यता और पुरातन संस्कारों को संजोए रखने के लिए एक स्वस्थ एवं मजबूत मंच प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमें अपने पूर्वजों द्वारा स्थापित सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखने की प्रेरणा देते हैं।
जिलाधीश ने कहा कि बंजार मेला केवल एक सामान्य मेला नहीं, बल्कि देव संस्कृति, लोक परंपराओं और व्यापारिक गतिविधियों का अनूठा संगम है।

मेले में स्थानीय व्यापारियों और किसानों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री का अवसर प्राप्त हुआ।
उपमंडल स्तर पर आयोजित यह वार्षिक मेला क्षेत्र के लोगों की सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मेले के सफल आयोजन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना रहा तथा लोगों ने इसे आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।

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यहां जहां एक ओर विभिन्न देवी-देवताओं की उपस्थिति धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कला, संस्कृति और व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मेले ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

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पांच दिनों तक चले इस मेले में दिन और रात्रि के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। स्थानीय कलाकारों, महिला मंडलों, युवक मंडलों तथा स्कूली बच्चों ने लोकनृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिमाचली संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

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मेले के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और बाहरी क्षेत्रों से आए पर्यटकों ने भी कार्यक्रमों का आनंद उठाया।
मेले की विशेष पहचान देव संस्कृति से भी जुड़ी रही। विभिन्न क्षेत्रों से आए देवी-देवताओं ने मेले की शोभा बढ़ाई।

समापन के बाद अधिकांश देवी-देवता अपने-अपने देवलुओं की ओर रवाना हो गए, जबकि कुछ देवता पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार आगामी दिनों में अपने क्षेत्रों को लौटेंगे।

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बंजार मेला क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मेला विशेष रूप से प्राकृतिक रूप से मिलने वाली गुच्छी, बनक्शा, विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों तथा जर्सी गायों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है।

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