फ्रंट पेज न्यूज़, शिमला (बंजार)।
आने वाले दिनों में बढ़ती गर्मी को लेकर विशेषज्ञों और प्रशासन द्वारा लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बताया जा रहा है कि इस बार सामान्य गर्मी के बजाय “एल नीनो” प्रभाव के कारण तापमान में असामान्य वृद्धि देखने को मिल सकती है, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, एल नीनो एक वैश्विक मौसमी घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है। इसके चलते हवाओं के प्रवाह में बदलाव आता है और दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर या विलंबित हो सकता है। परिणामस्वरूप मई और जून के महीनों में अत्यधिक गर्मी पड़ने की संभावना रहेगी है।


विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भीषण गर्मी के दौरान स्वस्थ व्यक्ति भी हीट स्ट्रोक का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे प्यास लगने का इंतजार किए बिना नियमित रूप से पानी पीते रहें और बच्चों तथा बुजुर्गों का खास ध्यान रखें।

दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच का समय सबसे अधिक जोखिम भरा बताया गया है। इस दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, स्कूलों में खेल गतिविधियों को सीमित करने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। काले या गहरे रंग के कपड़ों से परहेज करने को कहा गया है, क्योंकि ये अधिक गर्मी को अवशोषित करते हैं।
हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों में तेज सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी और बिना पसीने के सूखी त्वचा शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत व्यक्ति को छायादार स्थान पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देने और नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी गई है।

इसके साथ ही लोगों से पालतू एवं आवारा जानवरों के लिए भी पानी और छाया की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है, ताकि वे भी इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रह सकें।
एल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन और विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील रहे गी है। समय रहते जागरूकता और बचाव ही इस प्राकृतिक खतरे से सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है।
(विज्ञापन के लिए संपर्क करें::9418020801)














