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भूस्खलन और नदी के उफान के बीच फंसा शिक्षा का मंदिर : खतरे में गुशैणी स्कूल भवन

बंजार (फ्रंटपेज न्यूज़) परसराम भारती


प्राकृतिक आपदाओं की दोहरी मार झेल रहा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुशैणी आज खुद अपने अस्तित्व के लिए जंग लड़ रहा है। एक ओर पीछे की पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन ने भवन को डगमगा दिया है, तो दूसरी ओर फलाचन नदी का उफान स्कूल परिसर को अपने आगोश में लेने को बेताब है। स्थिति इतनी भयावह है कि करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और सुरक्षा पर गहरा संकट मंडरा रहा है।

गौरतलब है कि वर्ष 2005 और 2023 में फलाचन नदी की बाढ़ स्कूल भवन और खेल मैदान को पहले ही लील चुकी है। वही हालात इस बरसात में भी नजर आ रहे हैं। बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो रहे हैं, मिट्टी का रिसाव लगातार जारी है और जमीन धीरे-धीरे भवन की ओर खिसक रही है।

अभिभावकों की बढ़ी चिंता, सुरक्षा पर सवाल

विद्यालय भवन को लेकर स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की विशेष बैठक प्रधान शिवा गौतम की अध्यक्षता में बुलाई गई। बैठक में स्कुल स्टाफ, पंचायत प्रतिनिधि, अभिभावक और कई गणमान्य लोग शामिल हुए। बैठक का केंद्र बिंदु केवल एक ही रहा – बच्चों की सुरक्षा।
अभिभावकों ने स्पष्ट कहा कि अगर जल्द कदम न उठाए गए तो यह भवन कभी भी धराशायी हो सकता है।

बैठक में लिए गए अहम फैसले

बैठक में कई प्रस्तावों पर सहमति बनी—

जर्जर भवन को असुरक्षित घोषित कर गिराने का निर्णय।

तीन कक्षाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना।

अस्थाई शैड का निर्माण कर पढ़ाई बाधित न होने देना।

स्कूल परिसर के चारों ओर सुरक्षा चारदीवारी का निर्माण।

नए भवन के लिए प्रशासन और विभाग को औपचारिक पत्राचार।

13 अगस्त को बादल फटने से हुए 10 लाख के नुकसान की भरपाई हेतु आर्थिक सहायता की मांग।

मौसमी कठिनाइयों को देखते हुए परीक्षाओं की तारीख 28 अगस्त तक बढ़ाई।

प्रशासन से उम्मीद, नाराजगी भी

इस दौरान स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल राहत और स्थायी समाधान की मांग की। लेकिन नाराजगी भी साफ झलकी। कारण यह रहा कि उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस. रविश ने बीते दिन बिना पूर्व सूचना के विद्यालय का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें मौके पर बुलाए बिना निरीक्षण करना औपचारिकता भर है, जबकि यहां लोग दिन-रात डर के साये में जी रहे हैं।

स्कूल के प्रधानाचार्य करण शर्मा, ग्राम पंचायत शर्ची की प्रधान रामेश्वरी, पूर्व प्रधान हरी सिंह ठाकुर, तुंग पंचायत की पूर्व प्रधान रौशनी देवी, कंडीधार पंचायत के उप प्रधान मोहेन्द्र सिंह, समाजसेवी खुशहाल चंद सहित कई गणमान्य लोग इस बैठक में मौजूद रहे।

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