फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी ने प्रदेश सरकार द्वारा महाविद्यालयों में किए जा रहे युक्तिकरण को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों को सीमित करने का काम कर रही है।

शौरी ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय गाड़ागुशैनी और राजकीय महाविद्यालय सैंज में वाणिज्य संकाय (कॉमर्स) को बंद करने का निर्णय क्षेत्र के विद्यार्थियों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को पहले ही उच्च शिक्षा के लिए अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और ऐसे में विषयों को बंद करना उनके भविष्य पर सीधा प्रहार है।

उन्होंने कहा कि यदि इन संस्थानों में छात्र संख्या कम है तो सरकार को उसका समाधान तलाशना चाहिए था। विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं, योग्य शिक्षकों की नियुक्ति और आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध करवाकर इन महाविद्यालयों को आकर्षक बनाया जा सकता था। लेकिन सरकार ने समस्याओं का समाधान करने के बजाय विषयों को ही समाप्त करने का रास्ता चुन लिया है।

विधायक ने कहा कि सैंज और गाड़ागुशैनी महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य भी लंबे समय से अधर में लटके हुए हैं। बजट की कमी के कारण निर्माण कार्य ठप पड़े हैं, जबकि सरकार के मंत्री मौके पर जाकर जल्द धनराशि जारी करने के आश्वासन दे चुके हैं। इसके बावजूद न तो निर्माण कार्यों में तेजी आई है और न ही विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल पाई हैं।

सुरेंद्र शौरी ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति लगातार धीमी पड़ती जा रही है। सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के बजाय संस्थानों में उपलब्ध विषयों को बंद करने में लगी हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान सरकार युवाओं की जरूरतों और शिक्षा के महत्व को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि गाड़ागुशैनी और सैंज महाविद्यालयों में वाणिज्य संकाय को बंद करने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही दोनों महाविद्यालयों के भवन निर्माण के लिए आवश्यक बजट जारी कर लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

शौरी ने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थी, अभिभावक और आम जनता सरकार के इस फैसले से निराश हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी जारी रखी तो आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।









