फ्रंट पेज न्यूज़ मनाली/कुल्लू।
जिला कुल्लू में बेसहारा और घायल पशुओं की सेवा के लिए समर्पित गैर-सरकारी संगठन मनाली स्ट्रेज़ का कार्य अब एक प्रेरणादायक उदाहरण बनता जा रहा है। रविवार को उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने हरिपुर स्थित संस्था के परिसर का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया और संस्था द्वारा किए जा रहे मानवीय प्रयासों की खुलकर सराहना की।

उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं की सेवा, चिकित्सा और आश्रय प्रदान करने की दिशा में ‘मनाली स्ट्रेज़’ द्वारा किया जा रहा कार्य न केवल सराहनीय है बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देता है। उपायुक्त ने संस्था के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों से बातचीत करते हुए भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन इस सेवा कार्य को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त को बताया गया कि वर्ष 2019 में कमलेश और बेकी द्वारा एक मोटरबाइक से शुरू की गई यह पहल आज एक संगठित सेवा मिशन का रूप ले चुकी है। पिछले सात वर्षों में संस्था ने हजारों बेसहारा पशुओं के जीवन में राहत पहुंचाई है। संस्था द्वारा अब तक लगभग 8,000 से 9,000 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि करीब 4,000 से 5,000 पशुओं की नसबंदी कर आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। संस्था के पास डॉग पाउंड, एक्स-रे सुविधा और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर जैसी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध हैं, जहां घायल और बीमार पशुओं का उपचार किया जाता है।
उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने बताया कि ‘मनाली स्ट्रेज़’ का इंडियन वेटरनरी स्टूडेंट एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण अनुबंध भी है, जिसके तहत पिछले वर्ष 50 से 60 पशु चिकित्सा छात्रों को यहां ऑन-जॉब प्रशिक्षण दिया गया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष करीब 100 छात्र यहां प्रशिक्षण लेने आएंगे। इसके अतिरिक्त यूनाइटेड किंगडम की संस्था वर्ल्ड वाइड वेटरनरी सर्विस के मास्टर ट्रेनर्स भी यहां पहुंचकर स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देंगे, जिससे पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन संस्था को भूमि आवंटन, एनिमल वेलफेयर बोर्ड से एबीसी (Animal Birth Control) प्रमाणन तथा अल्ट्रासाउंड मशीन की खरीद जैसे महत्वपूर्ण विषयों में पूरा सहयोग देगा। वर्तमान में पशुओं के अल्ट्रासाउंड की सुविधा के लिए पालमपुर जाना पड़ता है, लेकिन प्रयास किया जाएगा कि यह सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा सके, ताकि घायल और बीमार पशुओं का समय पर इलाज हो सके।
इस अवसर पर उपायुक्त ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने पशुओं के साथ कैसा व्यवहार करता है। उन्होंने ‘मनाली स्ट्रेज़’ की 15 सदस्यीय टीम और उसके संस्थापकों के समर्पण व सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में संवेदनशीलता और करुणा को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान पशु प्रेमी ईशान ठाकुर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह लंबे समय से इस संस्था से जुड़े हुए हैं और समय-समय पर सहयोग करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं की सेवा एक मानवीय जिम्मेदारी है और इसके लिए समाज के अधिक से अधिक लोगों को आगे आना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी संस्था को आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

इस मौके पर संस्था के पदाधिकारियों और स्टाफ ने उपायुक्त को ‘मनाली स्ट्रेज़’ द्वारा किए जा रहे विभिन्न सेवा कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां घायल, बीमार और बेसहारा पशुओं की देखभाल, उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। संस्था के सदस्यों ने उपायुक्त के दौरे को अपने लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि प्रशासनिक समर्थन से इस सेवा कार्य को और अधिक व्यापक बनाया जा सकेगा।






























