फ्रंट पेज न्यूज़ कुल्लू।
आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों के तहत जिला परिषद कुल्लू के निर्वाचन क्षेत्रों का पुनः परिसीमन अधिसूचित कर दिया गया है। यह अधिसूचना उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा द्वारा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) अधिनियम, 1994 तथा संबंधित नियमों के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी की गई है। प्रशासन ने जिला परिषद के सभी वार्डों की नई सीमाएं तय कर उन्हें सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित कर दिया है।
उपायुक्त ने बताया कि परिसीमन का उद्देश्य पंचायत चुनाव प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित, संतुलित और पारदर्शी बनाना है, ताकि जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
आपत्तियों और सुझावों के लिए 7 दिन का समय
अधिसूचना जारी होने की तिथि से सात दिनों के भीतर कोई भी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि या पंचायत यदि परिसीमन को लेकर आपत्ति अथवा सुझाव देना चाहता है तो वह लिखित रूप में उपायुक्त कुल्लू के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित समयावधि के बाद प्राप्त आपत्तियों या सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
नए परिसीमन के तहत जिला परिषद कुल्लू को 14 वार्डों में विभाजित किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से—
वार्ड–1 वशिष्ठ: पलचान, बुरुआ, वशिष्ठ, चचोगा, प्रीणी, जगतसुख, नगर, रूमसु आदि क्षेत्र शामिल।
वार्ड–2 लरा केलो: नथान, जाणा, काईस, गाहर, चौकी डोभी, सेउगी आदि।
वार्ड–3 बरशैनी: मणिकरण, कसोल, जरी, मलाणा सहित अन्य क्षेत्र।
वार्ड–4 ज्येष्टा: गड़सा, हुरला, दलासणी, तलाड़ा आदि पंचायतें।
वार्ड–5 धाउगी: शांघड़, शैंशर, लारजी, श्रीकोट सहित अनेक क्षेत्र।
वार्ड–6 चायल: देहरा, नीथर, चायल, बागा सराहन, अरसू आदि।
वार्ड–7 बाड़ी: निशानी, बाड़ी, पोशना, तुनन, जगातखाना आदि।
वार्ड–8 बखनाओ: आनी, दलाश, शिल्ही, देउठी, लफाली आदि।
वार्ड–9 लझेरी: कमांद, खनाग, कराड, टकरासी, कराणा आदि।
वार्ड–10 कोठीचैहनी: सराज, तांदी, शिकारीघाट, मशियार, शरची आदि।
वार्ड–11 जरड़मुठी कॉलोनी: बजौरा, शमशी, भूईण, यशौणा आदि।
वार्ड–12 मौहल: मौहल, बल्ह, पीज, भल्याणी, मानगढ़ आदि।
वार्ड–13 डुगीलग: बन्द्रोल, रायसन, मण्डलगढ़, देवगढ़ आदि।
वार्ड–14 नसोगी: कटराई, हलाण–2, मनाली, शनाग आदि क्षेत्र।
प्रशासन का कहना है कि परिसीमन से निर्वाचन क्षेत्रों का संतुलन बेहतर होगा और स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधित्व अधिक प्रभावी बन सकेगा। साथ ही, इससे पंचायत चुनावों को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।
प्रशासन ने आम जनता, जनप्रतिनिधियों और संबंधित पंचायतों से अपील की है कि यदि परिसीमन में कोई तथ्यात्मक त्रुटि नजर आती है या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो तय समय के भीतर प्रस्तुत करें, ताकि अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले आवश्यक संशोधन पर विचार किया जा सके।




























