फ्रंट पेज न्यूज कुल्लू।
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी एवं देवभूमि क्षत्रिय संगठन स्वर्ण मोर्चा द्वारा 7 मार्च 2026 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से संबंधित हालिया निर्णय को वापस लेने की मांग को लेकर संयुक्त प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (किसान प्रकोष्ठ) श्री अमर ठाकुर तथा जिला कुल्लू के जिला अध्यक्ष श्री दीने राम ठाकुर ने संयुक्त रूप से दी।

नेताओं ने बताया कि प्रस्तावित रैली 7 मार्च को प्रातः भूतनाथ पुल से आरंभ होकर उपायुक्त कार्यालय कुल्लू तक जाएगी। इसके उपरांत उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में आयोजित किया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था पर संभावित प्रभाव का मुद्दा
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि यूजीसी से जुड़े कुछ प्रावधान—जिनमें विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, नियुक्ति प्रक्रिया, पाठ्यक्रम संरचना तथा वित्तीय प्रबंधन से संबंधित परिवर्तन शामिल बताए जा रहे हैं—प्रदेश सहित देशभर के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के हितों को प्रभावित कर सकते हैं। उनका आरोप है कि यदि इन प्रावधानों पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों की पहचान तथा समान अवसर की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य में उच्च शिक्षा संस्थान पहले ही भौगोलिक चुनौतियों और संसाधनों की सीमाओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में किसी भी केंद्रीय नीति परिवर्तन का सीधा प्रभाव दूरदराज क्षेत्रों के छात्रों पर पड़ता है।
राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों से जोड़ने का प्रयास
नेताओं ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय शिक्षा नीति, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और संघीय ढांचे के संदर्भ में भी जोड़ा। उनका कहना है कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए राज्यों से व्यापक परामर्श और सहमति आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि किसी भी बड़े निर्णय से पहले छात्र संगठनों, शिक्षक संघों और राज्य सरकारों की राय ली जानी चाहिए।
जनसमर्थन की अपील
पार्टी ने सभी सामाजिक संगठनों, छात्र-युवा वर्ग, अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का पूरा सहयोग लिया जाएगा और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जाएगा।
पार्टी नेताओं ने विश्वास जताया कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई यह मांग केंद्र सरकार तक पहुंचेगी और विद्यार्थियों के हित में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।



























