फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला / कुल्लू।
हिमाचल प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने जिला कुल्लू में ग्राम सभाओं के पुनर्गठन और नई ग्राम सभाओं के गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है।
10 मार्च 2026 को जारी इस अधिसूचना में बताया गया है कि जिले के विभिन्न विकास खण्डों में मौजूद कई ग्राम सभा क्षेत्रों के विभाजन और पुनर्गठन का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। इस प्रस्ताव के तहत कुछ मौजूदा ग्राम सभाओं का पुनर्गठन कर नई ग्राम सभाओं की स्थापना करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
सरकार ने यह प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 3 की उपधारा (1) और (2) के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए तैयार किया है। राज्यपाल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार जिला कुल्लू के विभिन्न विकास खण्डों के अंतर्गत आने वाले अनेक गांवों को पुनर्गठित कर नई ग्राम सभाओं का गठन किया जाएगा।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस प्रस्ताव को सार्वजनिक जानकारी के लिए हिमाचल प्रदेश के ई-राजपत्र में प्रकाशित किया गया है ताकि संबंधित ग्राम सभा क्षेत्रों के निवासी इस पर अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज करा सकें। इसके लिए जिला कुल्लू के उपायुक्त को अधिकृत किया गया है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर प्राप्त होने वाले सुझावों और आपत्तियों पर विचार करें और अपनी अंतिम सिफारिश राज्य सरकार को भेजें।
सरकार ने ग्राम सभा क्षेत्रों के निवासियों को यह अवसर दिया है कि यदि उन्हें प्रस्तावित विभाजन या पुनर्गठन को लेकर कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो वे अधिसूचना जारी होने की तिथि से तीन दिनों के भीतर उपायुक्त कुल्लू के समक्ष लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समयावधि के बाद प्राप्त होने वाले सुझाव या आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
अधिसूचना के अनुसार जिला कुल्लू के विकास खण्ड आनी, बंजार और अन्य क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले अनेक गांवों को इस प्रस्तावित पुनर्गठन में शामिल किया गया है। इनमें सुन्दरवन, दनेउटी, कफटा, काठदा, नौन, हिलीधार, बलीन, रहेभी, सनना, तूणी, मौरी, छरमू, कटेबा, शाणी, खलीणी, चूहड़ी, घोरला, कतैया, खणी, जयगढ़, गरती, गोधना और रोपड़ी जैसे गांव शामिल हैं।
इसी प्रकार बंजार विकास खण्ड के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में कोठी, कोहर, खंडणी, खलियों, घुराली, बलियों, गडयाह, पुराली, घेलीगाड, बौहगी, पाहली, फोजा, बुलांगी, थापापार, बागी, दशेहन, विहार, धनियाड, मरागी, लगचा, रोशाली, शरणधार, हारोगी और होरनगढ़ सहित कई गांव प्रस्तावित पुनर्गठन की सूची में रखे गए हैं।
सरकार का कहना है कि ग्राम सभाओं के पुनर्गठन का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में शासन व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाना है। जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन क्षेत्रों का पुनर्गठन प्रस्तावित किया गया है।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि उपायुक्त कुल्लू से प्राप्त अंतिम सिफारिशों के आधार पर राज्य सरकार इस विषय में अंतिम अधिसूचना जारी करेगी। इसके बाद ही नई ग्राम सभाओं का गठन औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा।
जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अधिसूचना की जानकारी संबंधित ग्राम सभा क्षेत्रों में व्यापक रूप से पहुंचाई जाए। इसके लिए जिला पंचायत अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत सचिवों को आदेश दिया गया है कि अधिसूचना की प्रतियां सार्वजनिक स्थानों और पंचायत सूचना पट्टों पर चस्पा कर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दें, ताकि लोग समय रहते अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज करा सकें।
यह प्रस्ताव सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि ग्राम सभाओं के पुनर्गठन से पंचायतों की सीमाओं और प्रशासनिक संरचना में बदलाव होने की संभावना है। अब अंतिम निर्णय ग्रामीणों की प्रतिक्रियाओं और जिला प्रशासन की सिफारिशों के बाद राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा। वही विकास खंड बंजार की पंचायत बालागाड़ को प्रस्ताव भेजने के बावजूद भी तवज्जो नहीं दी गई। जिससे पंचायत के लोगों में रोष।













