फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
जिभी घाटी में पर्यटन गतिविधियों को सुव्यवस्थित और सतत स्वरूप देने के उद्देश्य से जिभी वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन (जेबीटीडीए) की कार्यकारिणी बैठक 18 फरवरी 2026 को गूगल मीट के माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष सेवानिवृत्त कैप्टन किशन चौहान ने की। इस दौरान सभी कार्यकारिणी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आगामी पर्यटन सीजन की तैयारियों, संगठन की भावी कार्ययोजना तथा क्षेत्र में बढ़ रही पर्यटन गतिविधियों के बेहतर प्रबंधन पर गंभीर और विस्तृत मंथन किया।
बैठक में संगठन के प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ सदस्यता विस्तार, स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण, होमस्टे एवं होटल संचालकों की समस्याओं के समाधान तथा जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिभी घाटी की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, इसलिए पर्यटन विकास ऐसा हो जो संतुलित, योजनाबद्ध और पर्यावरण के अनुकूल हो।
कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जेबीटीडीए की वार्षिक आम बैठक 7 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में पिछले दो वर्षों की गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा, आय-व्यय का लेखा-जोखा साझा किया जाएगा और भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। साथ ही वर्तमान कार्यकारिणी का दो वर्षीय कार्यकाल पूरा होने पर नई कार्यकारिणी के गठन के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव भी करवाए जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए संगठन के फाउंडर मेंबर जगदीश ठाकुर और संदीप कमर को सर्वसम्मति से चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है। दोनों को नामांकन से लेकर मतदान और परिणाम घोषणा तक की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि संगठन की विश्वसनीयता और गरिमा बनी रहे।
बैठक में यह भी दोहराया गया कि जेबीटीडीए जिभी क्षेत्र में पर्यटन को स्थानीय आजीविका से जोड़ने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने तथा पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित और जिम्मेदार स्वरूप देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। संगठन का दीर्घकालिक लक्ष्य जिभी घाटी को समुदाय आधारित, सतत और आदर्श पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित करना है, जिससे स्थानीय लोगों की भागीदारी और लाभ सुनिश्चित हो सके।




























