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जीभी वैली में सतत पर्यटन की नई रूपरेखा तैयार प्रशासन–JVTDA की समन्वय बैठक में ठोस कार्ययोजना पर सहमति

फ्रंट पेज न्यूज़ न्यूज़ जिभी।
जीभी वैली क्षेत्र में पर्यटन को बेतरतीब विस्तार से निकालकर सतत, जिम्मेदार और कानूनी ढांचे में विकसित करने की दिशा में गुरुवार को एक निर्णायक पहल सामने आई। जिला प्रशासन और GV Valley Tourism Development Association (JVTDA–Seraj) के बीच हुई उच्चस्तरीय समन्वय बैठक में यह साफ संकेत मिला कि आने वाले समय में पर्यटन विकास केवल प्रचार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्वच्छता, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय जवाबदेही इसके केंद्र में होगी।


बैठक में JVTDA की प्रस्तावित वार्षिक आम सभा को लेकर उपायुक्त के साथ विस्तृत चर्चा हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आम सभा की तिथि शीघ्र ही लिखित रूप में तय कर संगठन को सूचित की जाएगी, जिससे पर्यटन से जुड़े हितधारकों को एक साझा मंच मिल सके।
कचरा प्रबंधन को बैठक का प्रमुख मुद्दा बनाया गया। अतिरिक्त उपायुक्त ने दो-टूक कहा कि पंचायतें इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकतीं और प्रभावी कचरा प्रबंधन के लिए जमीनी स्तर की सहभागिता अनिवार्य है। इसी क्रम में संबंधित पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिनकी अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी अथवा पंचायत सचिव करेंगे। इन ग्राम सभाओं के जरिए जन-जागरूकता, निगरानी और क्रियान्वयन—तीनों को गति देने की रणनीति तय हुई।
पर्यटन और संस्कृति को जोड़ते हुए जिला पर्यटन विकास अधिकारी के साथ “Shobhla Seraj 2.0” कार्यक्रम पर भी मंथन हुआ। इसे स्थानीय सहभागिता के साथ नए और व्यापक स्वरूप में लागू करने पर सहमति बनी, ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के साथ पर्यटन को मजबूती मिल सके।
बैठक में यह रेखांकित किया गया कि सतत और संतुलित पर्यटन का रास्ता पंचायतों की सक्रिय, सकारात्मक और जिम्मेदार भूमिका से होकर गुजरता है। JVTDA ने प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि संगठन जीभी वैली को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और मॉडल पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखेगा।

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