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एससी-एसपी परियोजना के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र सुंदरनगर में प्रशिक्षण शिविर, 70 किसानों ने लिया लाभ

On: February 11, 2026 10:23 PM
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फ्रंट पेज न्यूज़ सुंदरनगर(विजय)।
कृषि विज्ञान केन्द्र सुंदरनगर द्वारा एससी-एसपी (अनुसूचित जाति उप-योजना) परियोजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के करीब 70 किसानों ने भाग लेकर आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। यह शिविर विशेष रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
विभिन्न गांवों से किसानों की भागीदारी
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डैहर क्षेत्र के खुराल व कंदार तथा सुंदरनगर के मकदानी, फफलाली और सनोह गांवों के किसानों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। किसानों ने फलदार पौधों की वैज्ञानिक रोपण विधि, पौध संरक्षण, उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक बागवानी पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम में पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे वितरित किए गए आड़ू, प्लम और जापानी फल के पौधों को वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए तरीकों से लगाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाएं तो बागवानी उनकी आय का सशक्त और स्थायी स्रोत बन सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां फलोत्पादन के लिए अनुकूल हैं और योजनाओं का सही उपयोग कर किसान अपनी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार ला सकते हैं।
एससीएसपी परियोजना का उद्देश्य
केन्द्र के प्रभारी डॉ. पंकज सूद ने एससीएसपी परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को बागवानी के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक मार्गदर्शन का अधिकतम लाभ उठाने और बागवानी को व्यावसायिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के दौरान किसानों को आड़ू-प्लम व जापानी फल के पौधे भी वितरित किए गए, जिससे वे अपने खेतों में नई किस्मों का रोपण कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
किसानों ने जताई संतुष्टि
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत लाभकारी बताया और भविष्य में भी ऐसे व्यावहारिक शिविर आयोजित करने की मांग की। किसानों का कहना था कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से उन्हें नई तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे उनकी खेती अधिक लाभदायक बन सकती है।

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