फ्रंट पेज न्यूज़ (छविंदर शर्मा)आनी।
उपमंडल आनी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नम्होंग में विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन एवं भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने, त्वरित निर्णय लेने तथा आपदा के समय घबराने के बजाय संयम बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान विद्यालय परिसर में भूकंप आने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसके तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अभ्यास किया। छात्रों को “ड्रॉप, कवर एंड होल्ड” तकनीक की जानकारी दी गई और उसका व्यावहारिक प्रदर्शन भी करवाया गया। इसके साथ ही उन्हें सुरक्षित निकासी मार्गों का उपयोग करते हुए खुले एवं सुरक्षित स्थानों तक व्यवस्थित ढंग से पहुंचने का अभ्यास कराया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंदर कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाएं किसी भी समय और बिना पूर्व सूचना के आ सकती हैं। ऐसे में जागरूकता, सतर्कता और सही समय पर लिया गया निर्णय जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे आपदा प्रबंधन से संबंधित दिशा-निर्देशों को गंभीरता से लें और उन्हें अपने दैनिक जीवन में भी याद रखें।

विद्यालय के शिक्षक राम दयाल ने कहा कि नियमित रूप से आयोजित होने वाली ऐसी मॉक ड्रिल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ आपदा के समय सही प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करती हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह के अभ्यास से छात्र-छात्राएं न केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना सीखते हैं, बल्कि दूसरों की सहायता करने के लिए भी तैयार रहते हैं।

मॉक ड्रिल को सफल एवं प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय में विभिन्न समितियों का गठन किया गया था। इन समितियों में शामिल विद्यार्थियों ने अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए आयोजन को सफल बनाया। इस दौरान मुनीश कुमार, शेवता ठाकुर, कनिका, वादिका गर्ग, नंदिनी, हर्षित, दीक्षित, अमन, पायल, अलीना, रितिका सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई तथा सभी ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षा मानकों का पालन करने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।









