फ्रंट पेज न्यूज़,कुल्लू।
राजकीय प्रशिक्षित कला स्नातक अध्यापक संघ, जिला कुल्लू ने प्रशासन द्वारा शिक्षकों से विद्यालय समय के उपरांत जनगणना कार्य करवाने के निर्देशों का कड़ा विरोध करते हुए इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

संघ का कहना है कि इससे न केवल शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
संघ के जिला अध्यक्ष यशवंत ठाकुर ने जारी एक बयान में कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसकी सफलता के लिए कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक रूप से सक्षम होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों से पूरे विद्यालयी समय में शिक्षण कार्य करवाने के बाद शाम चार बजे के पश्चात जनगणना का कार्य भी लिया जाएगा, तो इससे उनके कार्य की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।

उन्होंने बताया कि जिले के अनेक शिक्षकों को अपने कार्यस्थल से 8 से 10 किलोमीटर तथा कई मामलों में 15 से 20 किलोमीटर दूर जाकर जनगणना संबंधी कार्य करना पड़ता है। इसके बावजूद कर्मचारियों के लिए न तो वाहन सुविधा उपलब्ध करवाई गई है और न ही इंटरनेट अथवा अन्य आवश्यक तकनीकी संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

ऐसी परिस्थितियों में त्रुटिरहित और प्रभावी कार्य निष्पादन की अपेक्षा करना व्यवहारिक नहीं है।
संघ ने महिला कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने पर भी चिंता व्यक्त की है। यशवंत ठाकुर ने कहा कि जिन परिवारों में पति-पत्नी दोनों शिक्षक हैं, उन्हें विद्यालय समय के बाद जनगणना कार्य में लगाने से पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कठिन हो जाएगा। छोटे बच्चों की देखभाल, वृद्ध माता-पिता की सेवा तथा अन्य सामाजिक दायित्वों के कारण ऐसे परिवारों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक कोई मशीन नहीं हैं, बल्कि समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके भी पारिवारिक तथा सामाजिक दायित्व हैं। प्रशासन को इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए कर्मचारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को समझना चाहिए।

राजकीय प्रशिक्षित कला स्नातक अध्यापक संघ, जिला कुल्लू ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय समय के बाद जनगणना कार्य करवाने संबंधी निर्णय को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे शिक्षा व्यवस्था और जनगणना दोनों की गुणवत्ता प्रभावित न हो। संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेगा।









