फ्रंट पेज न्यूज़ कुल्लू।
छह सैंपल जांच के लिए भेजे गए।
पर्यटन नगरी कसोल में खाद्य पदार्थों में कथित रूप से नशीले तत्वों की मिलावट कर बेचने की शिकायतों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा कुल्लू अनिल शर्मा के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कसोल क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई तथा संदिग्ध खाद्य पदार्थों के छह सैंपल एकत्रित कर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए कंडाघाट स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

(खाद्य पदार्थ जिनकी जांच की गई)
प्राप्त जानकारी के अनुसार विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ खाद्य पदार्थों में तथाकथित “फ्रेश बोनर्स” अथवा अन्य नशीले तत्व मिलाकर पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को परोसे जाने की आशंका है। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके पर पहुंचकर व्यापक निरीक्षण किया और आवश्यक नमूने एकत्रित किए।

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अनिल शर्मा ने बताया कि प्रयोगशाला से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार के नशीले अथवा प्रतिबंधित तत्वों की मिलावट की गई है या नहीं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें व्यापारिक संगठनों, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों, सब्जी मंडी प्रतिनिधियों, मीडिया, स्वास्थ्य विभाग तथा जागरूक नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी का साझा उद्देश्य आमजन तक सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

अनिल शर्मा ने समाज के विभिन्न वर्गों से अपील करते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सभी हितधारक अपने सुझाव, अनुभव और सहयोग प्रदान करें ताकि इस दिशा में प्रभावी एवं जनहितकारी कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि विभाग खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा अवैध गतिविधियों को लेकर पूरी तरह सतर्क है और समय-समय पर निरीक्षण अभियान जारी रखेगा।

गौरतलब है कि जिला कुल्लू के प्रमुख पर्यटन स्थलों में नशे के कारोबार की आशंका समय-समय पर सामने आती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नशा केवल एक सामाजिक बुराई नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य, स्वास्थ्य और समाज की संरचना को प्रभावित करने वाली गंभीर चुनौती है। विभिन्न माध्यमों से फैल रहा नशे का जाल युवाओं को दिशाहीन कर रहा है तथा उनके जीवन को प्रभावित कर रहा है।

ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पर्यटन क्षेत्रों में नशे के संभावित नेटवर्क पर अंकुश लगाने की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।









