फ्रंट पेज न्यूज़ ( छबिन्द्र शर्मा) आनी।
विकास खंड आनी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आनी से वाया चवाई चलने वाली बसों के अनियमित संचालन से परेशान गुगरा चनोग महिला मण्डल की महिलाओं ने शनिवार को आनी बस अड्डे पर जोरदार आवाज उठाई।

महिलाओं ने अड्डा प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर बस सेवाओं को समयबद्ध करने की मांग की।
महिलाओं ने कामरेड रमेश कुमार और पदम प्रभाकर के नेतृत्व में प्रशासन के समक्ष यह मुद्दा प्रमुखता से रखा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बसों की देरी केवल असुविधा नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उनका कहना था कि परिवहन व्यवस्था की लापरवाही का सबसे बड़ा खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।

स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर
महिला मण्डल की प्रतिनिधियों ने बताया कि आनी से सुबह 9:30 बजे चवाई की ओर जाने वाली बस अक्सर निर्धारित समय से काफी देरी से चलती है। इस वजह से गुगरा चनोग गांव के बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। कई बार बच्चे साढ़े दस से लेकर 11 बजे तक स्कूल पहुंचते हैं, जिससे उन्हें कक्षाओं में प्रवेश तक नहीं मिल पाता।
महिलाओं ने इसे शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, रूट सुधार की मांग
महिलाओं ने अड्डा प्रभारी के माध्यम से हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक, रामपुर बुशैहर को भी लिखित ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में विशेष रूप से दो रूटों पर ध्यान देने की मांग की गई—
आनी–टिक्करीदल वाया चवाई (सुबह 9:30 बजे)
आनी–काण्डा–दलाश (दोपहर 1 बजे)
महिलाओं का कहना है कि इन रूटों पर समय की पाबंदी सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग और विद्यार्थी राहत महसूस कर सकें।
22 अप्रैल से धरना प्रदर्शन की चेतावनी
महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो 22 अप्रैल से आनी बस अड्डा परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता।

बसों की कमी बनी बड़ी समस्या
इस संबंध में अड्डा प्रभारी इंद्र सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि बसों की भारी कमी के चलते कई रूट प्रभावित हो रहे हैं। पहले सब-डिपो आनी में 32 बसें उपलब्ध थीं, जबकि वर्तमान में केवल 23 बसों से काम चलाया जा रहा है, जिनमें से एक बस खराब है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि—
आनी–पोखरी रूट पिछले बरसात के बाद से बंद पड़ा है
लोक निर्माण विभाग से सड़क क्लियरेंस मिलने के बावजूद सेवा बहाल नहीं हो पाई
रामपुर से आनी और दलाश के कई रूट लंबे समय से ठप्प हैं
इस कारण क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार से समय में बदलाव, प्रशासन का आश्वासन
अड्डा प्रभारी ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि जनहित और विशेष रूप से विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सोमवार से आनी–टिक्करीदल वाया चवाई बस को सुबह 9:30 बजे के बजाय 9:15 बजे चलाया जाएगा।
साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
आनी क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था की यह समस्या केवल सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षा और ग्रामीण जीवन की मूलभूत जरूरतों से जुड़ा विषय बन चुकी है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन महिलाओं की चेतावनी को कितना गंभीरता से लेता है और क्या यह अस्थायी समाधान स्थायी सुधार में बदल पाता है।















