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जड़ोल में दो घंटे बंद रहा बाज़ार: जन विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रगति व्यापार सभा और किसान संगठनों का जोरदार प्रदर्शन

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फ्रंट पेज न्यूज़ सुंदर नगर (विजय)।
जड़ोल बाज़ार वीरवार को लगभग दो घंटे तक पूरी तरह बंद रहा, जब प्रगति व्यापार सभा ने हिमाचल किसान सभा के संयोजक सुरेन्द्र सेन के नेतृत्व में केंद्र व राज्य सरकार की कथित जन विरोधी नीतियों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में न केवल व्यापार मंडल बल्कि आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड-डे मील वर्कर यूनियन, मनरेगा यूनियन और सीटू से जुड़े श्रमिक संगठनों ने भी भागीदारी की। संयुक्त रूप से किए गए इस विरोध ने जड़ोल में व्यापक एकजुटता का संदेश दिया।
किन मुद्दों पर हुआ विरोध?
धरने के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार की श्रम संहिता (लेबर कोड) और श्रम कानूनों में किए गए बदलावों को श्रमिकों के अधिकारों पर आघात बताया। साथ ही स्मार्ट मीटर लागू करने की प्रक्रिया को आम जनता पर आर्थिक बोझ करार दिया गया।
अमेरिका-इंडिया ट्रेड डील को लेकर भी मंच से कड़ी आपत्ति जताई गई। वक्ताओं का कहना था कि ऐसी व्यापारिक संधियां छोटे व्यापारियों और किसानों के हितों के विपरीत हैं और स्थानीय बाजार व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
स्थानीय समस्याओं पर भी उठी आवाज
प्रदर्शन केवल राष्ट्रीय नीतियों तक सीमित नहीं रहा। प्रगति व्यापार मंडल ने जड़ोल क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया।
मुख्य मांगों में शामिल रहे—
बाजार क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था
मुख्य सड़क पर ओवरहेड फुट ब्रिज का निर्माण
सुरक्षित और समुचित फुटपाथ
जड़ोल–सलवाना रोड की मरम्मत
जड़ोल बाजार में सार्वजनिक टॉयलेट की सुविधा
सुव्यवस्थित टैक्सी स्टैंड का निर्माण
व्यापारियों का कहना था कि इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी होती है बल्कि व्यापार भी प्रभावित होता है। प्रशासन से इन मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई।
प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित
धरना-प्रदर्शन में प्रगति व्यापार मंडल के प्रधान रवि कुमार, महासचिव राज कुमार, कोषाध्यक्ष हेमकांत, अमर सिंह, सोहन सिंह, विकास शर्मा, चिन्त राम, टेक चन्द, संजय संख्यान, रमेश कुमार, विक्रम सिंह सहित अन्य सदस्य प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएग।

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