फ्रंट पेज न्यूज़ मंडी।
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला में संस्कृति सदन कांगनीधार एक बार फिर रंगमंच की जीवंत अभिव्यक्तियों से सराबोर हो उठा। दो दिवसीय नाट्य मंचन कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। यह नाट्य उत्सव 13 फरवरी तक जारी रहेगा और स्थानीय कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
पहले दिन सामाजिक, सांस्कृतिक और समकालीन विषयों पर आधारित नाटकों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां मंचित की गईं। विभिन्न रंगमंचीय संस्थाओं ने पौराणिक कथाओं से लेकर सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं तक के विविध आयामों को सशक्त अभिनय और सजीव संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
आकार थिएटर सोसाइटी मंडी ने ‘हन्नु हटेला से लड़की सेठ क्यों नहीं होती’ नाटक का सशक्त मंचन किया। इस नाटक के लेखक राजेश कुमार हैं, जबकि परिकल्पना एवं निर्देशन दीप कुमार ने किया। प्रस्तुति में समाज में व्याप्त लैंगिक असमानता पर तीखा और विचारोत्तेजक संदेश दिया गया।
वहीं जागृति कला मंच ने ‘अर्धनारीश्वर’ नाट्य प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिव और शक्ति के समन्वय की प्रतीकात्मक प्रस्तुति ने सभागार में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार किया।
इसके अतिरिक्त Society for the Empowerment of Culture Development Mandi द्वारा ‘सफेद पाला’ नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक के लेखक अनिल कुमार शर्मा तथा निर्देशक वेद कुमार हैं। प्रस्तुति में सामाजिक विसंगतियों और बदलते मानवीय रिश्तों को मार्मिक ढंग से उकेरा गया।
आगामी 13 फरवरी तक चलने वाले इन नाट्य आयोजनों के कारण संस्कृति सदन कांगनीधार इन दिनों रंगमंचीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। विविध विषयों पर आधारित इन सशक्त प्रस्तुतियों ने दर्शकों को कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का सशक्त अवसर प्रदान किया है।
इस अवसर पर उपनिदेशक, सूचना एवं जन सम्पर्क मंजुला कुमारी, जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी, सुरेश शर्मा, रंगकर्मी रूप उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्य चित्र AI निर्मित



























