फ्रंट पेज न्यूज़, गुशैनी बंजार।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) गुशैनी में हंस फाउंडेशन के सहयोग से वनाग्नि जागरूकता विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना था।

प्रतियोगिता में विद्यालय के 38 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने रंगों और चित्रों के माध्यम से जंगलों के महत्व, वनाग्नि से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान, वन्य जीवों पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव तथा प्रकृति संरक्षण की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों की पेंटिंग्स में पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी समझ और संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।


प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने यह संदेश भी दिया कि वन केवल प्राकृतिक संपदा ही नहीं, बल्कि मानव जीवन, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इसलिए वनाग्नि जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास और जनसहभागिता जरूरी है।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसमें मनस्वी शर्मा ने प्रथम, राधिका नेगी ने द्वितीय, रिषभ चौहान ने तृतीय तथा नव्या ठाकुर ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य ने हंस फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियां विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के माध्यम से दिया गया संदेश समाज तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचता है और वनाग्नि जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को वन संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करने तथा वनों की सुरक्षा के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का भाव मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरणादायक और सराहनीय पहल साबित हुआ।






