खाद्य सुरक्षा जागरूकता एवं हितधारक बैठक में कुल्लू और लाहौल-स्पीति के विभिन्न संगठनों एवं खाद्य कारोबारियों ने लिया भाग।
फ्रंट पेज न्यूज़,कुल्लू।
खाद्य सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने, विभिन्न हितधारकों के मध्य समन्वय स्थापित करने तथा आमजन तक सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों से संबंधित जानकारी के प्रभावी प्रसार के उद्देश्य से आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय कुल्लू के कॉन्फ्रेंस हॉल में खाद्य सुरक्षा जागरूकता एवं हितधारक बैठक का आयोजन किया गया

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ. रंजीत ने किया।
बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा कुल्लू अनिल शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी खेम सिंह, खाद्य सुरक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी, होटल एवं ढाबा संचालक, दूध विक्रेता संघ, सब्जी मंडी, मीट मार्केट तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न व्यापारिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में कुल्लू के साथ-साथ लाहौल-स्पीति जिले से आए प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की भी उल्लेखनीय सहभागिता रही।
अपने संबोधन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजीत ने कहा कि स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करना अथवा बीमारी का उपचार करना स्वास्थ्य सेवाओं का दूसरा चरण है, जबकि सरकार का मुख्य फोकस अब बीमारियों की रोकथाम पर है। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध हों तो अनेक बीमारियों को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सकता है।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सुरक्षित भोजन की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. रंजीत ने कहा कि सरकार और खाद्य सुरक्षा विभाग लोगों को सुरक्षित एवं हाइजीनयुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।


उन्होंने सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा कुल्लू अनिल शर्मा ने विभाग की विभिन्न योजनाओं, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों तथा विभाग द्वारा संचालित जागरूकता अभियानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग और खाद्य कारोबारियों के बीच बेहतर समन्वय तथा टीमवर्क आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा मानकों को अपनाकर इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें।

उन्होंने कहा कि “स्वस्थ है तो जीवन है” और स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ, सुरक्षित तथा शुद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन अत्यंत आवश्यक है। इसलिए प्रत्येक खाद्य व्यवसायी और उपभोक्ता को इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

बैठक के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों तथा लाहौल-स्पीति से आए उन खाद्य कारोबारियों एवं प्रतिष्ठानों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने प्रतिष्ठानों में उत्कृष्ट स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा मानकों तथा बेहतर हाइजीन प्रथाओं को अपनाया है। विभाग द्वारा निर्धारित रेटिंग एवं मूल्यांकन के आधार पर उन्हें प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य अन्य खाद्य कारोबारियों को भी सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना है।

बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी खेम सिंह ने भी खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य प्रबंधन, व्यक्तिगत हाइजीन तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन न केवल कानूनी आवश्यकता है, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
बैठक के दौरान विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने खाद्य सुरक्षा जागरूकता, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा विभाग के साथ बेहतर समन्वय को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने तथा जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।







