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बरशैनी के सतपाल की नई उड़ान: मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना से टैक्सी स्वरोजगार की शुरुआत

On: February 12, 2026 3:40 PM
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फ्रंट पेज न्यूज़ कुल्लू।

दूरस्थ पंचायत बरशैनी के निवासी सतपाल के जीवन में अब संघर्ष की जगह आत्मनिर्भरता ने ले ली है। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बीच वर्षों से स्वरोजगार का सपना देख रहे सतपाल को Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना ने नई दिशा दी है। योजना के तहत उन्हें टैक्सी खरीदने के लिए ₹2 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे उन्होंने आल्टो K10 वाहन के माध्यम से टैक्सी सेवा शुरू की है।


सतपाल के लिए यह वाहन केवल रोज़गार का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ाया गया सशक्त कदम है। अब वे न केवल स्वयं को आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि बरशैनी और आसपास के क्षेत्रों में परिवहन सुविधा को भी सुदृढ़ कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र में यातायात की सीमित उपलब्धता के बीच उनकी टैक्सी स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए सहूलियत बन रही है।
भावुक शब्दों में सतपाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और हिमाचल प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उनके उस सपने को साकार किया, जिसे वे कभी पूरा होता देखने का साहस भी नहीं जुटा पाते थे। उन्होंने कहा कि यह सहायता उन्हें मेहनत और ईमानदारी के बल पर आगे बढ़ने का नया विश्वास देती है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत निराश्रित बच्चों और युवाओं को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” का दर्जा देकर राज्य सरकार अभिभावक की भूमिका निभा रही है। योजना के अंतर्गत शिक्षा, आवास, कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए व्यापक सहायता दी जा रही है, ताकि जरूरतमंद युवा आत्मनिर्भर बन सकें।
जिला कार्यक्रम अधिकारी कुंदन लाल के अनुसार, जिला कुल्लू में वर्ष 2023 से 2025 के बीच सैकड़ों बच्चों और युवाओं को योजना का लाभ मिला है। वर्ष 2023 में 134, वर्ष 2024 में 174 और वर्ष 2025 में 183 लाभार्थी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। सभी लाभार्थियों को प्रतिमाह ₹4,000 जेब खर्च के रूप में प्रदान किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिले की तीन बाल देखभाल संस्थाओं में रह रहे 83 बच्चों को भी योजना का लाभ मिल रहा है।
वर्ष 2025–26 तक जिले में योजना के अंतर्गत विवाह हेतु 5, गृह निर्माण के लिए 15, उच्च शिक्षा के लिए 12, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 6, कौशल विकास के लिए 1 और व्यवसाय के लिए 6 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है।
बरशैनी के सतपाल की कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि सरकारी योजनाएं संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ लागू हों, तो वे किसी भी साधारण नागरिक के जीवन में असाधारण बदलाव ला सकती हैं। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना आज ज़मीनी स्तर पर ऐसे ही सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल बनती जा रही है।

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