मौसम क्रिकेट Sports बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल मेले और त्यौहार राशिफल आध्यात्मिक crime

---Advertisement---

24 वर्ष बाद हामटा दौरे पर जाएंगे आराध्य देव श्रृंगा ऋषि महाराज, तैयारियों को अंतिम रूप।

---Advertisement---


फ्रंट पेज न्यूज़ (प्रमेश शर्मा) बंजार।

पांच कोठी सराज के आराध्य देव श्रृंगा ऋषि महाराज के ऐतिहासिक एवं मनोरम हामटा दौरे को लेकर 14 जून को देवालय वागी में आयोजित विशेष बैठक (झाड़ा) में यात्रा की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में पांच कोठी के हारियानों, कारदारों तथा देव व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया।

झाडें का दृश्य


प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 प्रविष्टे, 5 जुलाई 2026 को श्रृंगा ऋषि महाराज अपने देव रथ एवं पारंपरिक लाव-लश्कर के साथ हामटा दौरे के लिए प्रस्थान करेंगे। यह दौरा विशेष महत्व रखता है क्योंकि लगभग 24 वर्षों बाद देवता का यह पावन प्रवास आयोजित हो रहा है।

विज्ञापन


श्रृंगा ऋषि महाराज के ऐसे विशेष एवं ऐतिहासिक दौरे लंबे अंतराल के बाद निर्धारित होते हैं। देव परंपरा में रक्तिसर यात्रा, मलाणा दौरा, आउटर सराज दौरा, पांच कोठी परिक्रमा तथा हामटा दौरा जैसे कई महत्वपूर्ण प्रवास शामिल हैं। प्रत्येक यात्रा का अपना धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व होता है तथा इनका आयोजन केवल देव आज्ञा के अनुसार ही किया जाता है।

विज्ञापन


देव परंपरा के अनुसार जब भी कोई विशेष दौरा निर्धारित किया जाता है तो पांच कोठी के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक, जिसे स्थानीय भाषा में ‘झाड़ा’ कहा जाता है, आयोजित की जाती है। इस बैठक में पांच कोठी के हारियान एकत्र होकर यात्रा की तिथि, मार्ग, पड़ाव, व्यवस्थाओं तथा विभिन्न जिम्मेदारियों पर विचार-विमर्श करते हैं। इसी प्रक्रिया के तहत 14 जून को आयोजित बैठक में हामटा दौरे को स्वीकृति प्रदान करते हुए उसकी संपूर्ण रूपरेखा तय की गई।

विज्ञापन


श्रृंगा ऋषि महाराज के पुजारी इंद्र देव वाशिष्ठ ने बताया कि हामटा दौरे को लेकर पांच कोठी के सभी हारियानों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं उत्सुकता है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा काफी लंबे समय के बाद आयोजित हो रही है, इसलिए क्षेत्र के लोगों में इसे लेकर विशेष श्रद्धा और उमंग का माहौल है। उन्होंने बताया कि दौरे को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है तथा परंपराओं के अनुरूप सभी तैयारियां की जा रही हैं।

विज्ञापन


जानकारों के अनुसार हामटा क्षेत्र ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं में स्थित एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। हामटा का प्रमुख पड़ाव लगभग  10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां तक देव यात्रा पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न की जाती है। इस दौरान देवता के साथ पांच कोठी के हारियान, श्रद्धालु तथा पारंपरिक वाद्य यंत्रों से सुसज्जित देव दल भी यात्रा में शामिल होते हैं।

विज्ञापन


स्थानीय लोगों का मानना है कि श्रृंगा ऋषि महाराज के ऐसे ऐतिहासिक दौरों से न केवल धार्मिक आस्था सुदृढ़ होती है, बल्कि क्षेत्र की प्राचीन देव संस्कृति, सामाजिक एकता और पारंपरिक विरासत को भी नई ऊर्जा मिलती है। हामटा दौरे को लेकर पूरे पांच कोठी क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

error: Content is protected !!