कर्मचारी, पेंशनर्स, किसान व सामाजिक संगठनों ने निजीकरण के खिलाफ भरी हुंकार
आनी, राज शर्मा
विद्युत अधिनियम 2003 के प्रस्तावित संशोधन बिल 2025-26 के खिलाफ आनी में विभिन्न कर्मचारी व सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बिजली बोर्ड डिविजनल कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत पेन डाउन–टूल डाउन हड़ताल और विरोध सभा का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए राज्य उपाध्यक्ष झावे राम शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों की मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम उपभोक्ताओं और सार्वजनिक क्षेत्र की सुरक्षा की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली क्षेत्र के निजीकरण से दरों में वृद्धि होगी और इसका सबसे अधिक असर गरीब एवं मध्यम वर्ग पर पड़ेगा।
स्मार्ट मीटर योजना पर भी आपत्ति
वक्ताओं ने प्री-पेड स्मार्ट मीटर योजना का विरोध करते हुए कहा कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी। उनका कहना था कि प्री-पेड सिस्टम लागू होने पर रिचार्ज समाप्त होते ही बिजली कटौती जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
व्यापक भागीदारी
प्रदर्शन में पेंशनर्स फोरम के नवल ठाकुर, रघुबीर भारती, तरुण शर्मा, पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के गुरदयाल सिंह, सूरज प्रकाश, अमर सिंह, सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के मोहर सिंह, तारा चंद शर्मा, एचपीएससीबी कर्मचारी यूनियन के प्रमोद शर्मा, इंजीनियर एसोसिएशन के पी.सी. हरनोट, राजेश वर्मा, नीतीश, अजीत, सीटू के पदम प्रभाकर, किसान सभा के रमेश कुमार, गीता राम ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी, पेंशनर्स व उपभोक्ता उपस्थित रहे।
आनी इकाई की नारी शक्ति — निर्मला ठाकुर, आरती शाह, रचना ठाकुर और कुमारी ट्विंकल — की सक्रिय भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।
बिल वापस लेने की मांग
सभा के अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से बिजली संशोधन बिल 2025-26 को वापस लेने की मांग की गई तथा आम जनता से इस कानून के खिलाफ एकजुट होने की अपील की गई।
फोटो कैप्शन:
बिजली संशोधन बिल 2025-26 के विरोध में आनी में आयोजित पेन डाउन–टूल डाउन हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते कर्मचारी, पेंशनर्स व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि।
बिजली संशोधन बिल 2025-26 के खिलाफ आनी में जोरदार प्रदर्शन
On: February 12, 2026 8:46 PM




























