फ्रंट पेज न्यूज़ सैंज।
बस न चलने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं, आंदोलन की चेतावनी
जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार में आपदा को पाँच महीने बीत जाने के बावजूद जनजीवन अब भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सका है। कई दूरदराज इलाकों में सरकारी बस सेवाएं आज भी बहाल नहीं हो पाई हैं, जिससे आम जनता को रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सैंज घाटी के कनौन क्षेत्र का मामला इस समस्या की गंभीरता को साफ उजागर करता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां की सड़क अब दुरुस्त हालत में है और छोटे-बड़े वाहन नियमित रूप से आ-जा रहे हैं, इसके बावजूद हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा सरकारी बस सेवा शुरू नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को झेलनी पड़ रही है। बच्चों को रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है या फिर मजबूरी में महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि ठंड और खराब मौसम के कारण कई बच्चे बीमार भी पड़ रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी बस इस क्षेत्र के लिए केवल परिवहन साधन नहीं, बल्कि जीवनरेखा है। बस सेवा बंद होने से बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचने, कामकाजी लोगों को दफ्तर जाने और ग्रामीणों को बाजार तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीज समय पर उपचार नहीं ले पा रहे, जो चिंता का विषय बन चुका है।

सेवार्थ युवा जागृति मंडल कनौन के प्रधान कुंदन लाल, सचिव खेम राज सहित प्रशांत, भीम देव, श्याम लाल, विजय प्रेम और रोशन ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार परिवहन विभाग और संबंधित डिपो प्रबंधन से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही कनौन क्षेत्र में सरकारी बस सेवा बहाल नहीं की गई, तो वे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से बस सेवा शुरू की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और आम जनता की दिनचर्या फिर से सामान्य हो सके।



















