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राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष आवासीय शिविर “सहभागिता”: तृतीय दिवस सामाजिक चेतना, अनुशासन और युवाशक्ति के संदेश के साथ सम्पन्न

फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई, राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय बंजार द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष आवासीय शिविर “सहभागिता” का तृतीय दिवस 27 दिसम्बर, 2025 को अत्यंत अनुशासित, प्रेरणादायक और समाजोन्मुख गतिविधियों के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। पूरे दिन की गतिविधियों में अनुशासन, आध्यात्मिकता, सामाजिक जागरूकता और युवाओं के व्यक्तित्व विकास का प्रभावी समन्वय देखने को मिला।

प्रभात फेरी लगाते हुए


दिन का शुभारम्भ प्रातः 4:30 बजे आनापान ध्यान सत्र से हुआ। इसके पश्चात महाविद्यालय परिसर से भूमार, खडवाली एवं बला गाँवों से होते हुए माता त्रिपुरा बाला सुंदरी तथा महर्षि मारकंडेय मंदिर तक प्रभात फेरी निकाली गई, जो पुनः महाविद्यालय परिसर में आकर सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मंदिर के गुरुजी श्री विवेकानंद ने स्वयंसेवकों को जीवन की विषम परिस्थितियों में संयम, सजगता और संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। संत बुल्ले शाह के प्रसंग से उन्होंने जीवन और ईश्वर के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जिसे स्वयंसेवकों ने गम्भीरता से आत्मसात किया।


नाश्ते के उपरांत प्रातः 9 से 10 बजे तक ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केंद्र बंजार की बहिनें निमू, पुष्पलता एवं प्रियंका द्वारा सहज राजयोग शिविर के तृतीय दिवस में परमात्मा के स्वरूप पर व्याख्यान दिया गया। “शिव और शंकर में अंतर” विषय पर स्पष्ट एवं सारगर्भित विवेचन के बाद सहज राजयोग का अभ्यास भी करवाया गया, जिससे स्वयंसेवकों में आत्मिक शांति और एकाग्रता का संचार हुआ।
इसके बाद कार्यक्रम अधिकारी के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर से बंजार बाजार, नया बस स्टेशन, बीडा बाजार, पुराना बस स्टैंड एवं शेगलू बाजार होते हुए वृहद सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान नशा उन्मूलन, एड्स जागरूकता, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, वीर शहीदों का यशगान, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता ही सेवा, प्लास्टिक निषेध, साइबर अपराध, जल संरक्षण एवं कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर नारों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया गया।


इसी क्रम में स्वयंसेवकों द्वारा साइबर अपराध विषय पर नया व पुराना बस स्टैंड तथा महाविद्यालय परिसर में प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसे स्थानीय नागरिकों ने खूब सराहा।
दोपहर के अकादमिक सत्र में मुख्य अतिथि एवं वक्ता रूपेंद्र बशिष्ट, प्रशिक्षित कला स्नातक (संस्कृत), राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुशैणी रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन स्वयंसेवक तनु वर्मा ने किया, जबकि प्रांजल नेगी एवं योग राज ने क्रमशः स्वागत और आभार भाषण प्रस्तुत किए। इस अवसर पर स्वयंसेवक घनेश्वरी एवं करुणा द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य ने सभी का मन मोह लिया।

मुख्य वक्ता  रूपेंद्र बशिष्ट ने “युवाओं की शक्ति: राष्ट्र की शक्ति” विषय पर प्रेरक व्याख्यान देते हुए कहा कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, प्रतिबद्धता और अनुशासित जीवन ही विद्यार्थी जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने युवाओं से अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इसके पश्चात इकाई की वरिष्ठ स्वयंसेवी काजल द्वारा विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने एनएसएस से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए स्वयंसेवकों को इस मंच का अधिकतम लाभ लेकर सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। बाद में जीवन कौशल आधारित विभिन्न रोचक गतिविधियों में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सांयकालीन ऑनलाइन सत्र में मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ. उरसेम लता, प्राचार्या, राजकीय महाविद्यालय पनारसा, जिला मंडी (हि.प्र.) रहीं। उन्होंने “लोक साहित्य” विषय पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए लोक साहित्य के बहुआयामी पक्षों से स्वयंसेवकों को परिचित करवाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस प्रकार सात दिवसीय विशेष आवासीय शिविर “सहभागिता” का तृतीय दिवस उत्साह, अनुशासन, सामाजिक चेतना और जीवन कौशल से परिपूर्ण एक प्रेरणास्पद दिवस के रूप में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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