फ्रंट पेज न्यूज़ कुल्लू। शनिवार को जिला कुल्लू में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता तोरुल एस. रवीश, उपायुक्त कुल्लू ने की। बैठक का उद्देश्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, लाभार्थियों की स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा करना रहा।

बैठक में जानकारी दी गई कि सुख आश्रय योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए जिले के 10 लाभार्थियों को कुल 2 लाख 7 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करवाई गई है। उपायुक्त ने इसे एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि यह योजना जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर है।
उपायुक्त तोरुल एस. रवीश ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के दायरे में आने वाला कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने और पात्र लाभार्थियों की पहचान समय पर सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विशेष रूप से बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित और जागरूक करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने मैट्रिक (10वीं) और जमा दो (12वीं) स्तर पर ड्रॉपआउट बच्चों का विस्तृत आंकड़ा अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आगामी बैठक में योजना से संबंधित सभी सात मदों पर विस्तृत प्रस्तुति तैयार की जाए, जिससे योजना के प्रत्येक पहलू की गहराई से समीक्षा हो सके।
बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी, समेकित बाल विकास परियोजना कुल्लू, कुंदन लाल ने किया। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा, ज़ोनल अस्पताल कुल्लू के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

















