फ्रंट पेज न्यूज़ कुल्लू।
हिमाचल प्रदेश में हाल के महीनों में पानी के बढ़े हुए बिल आम लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। कुल्लू जिले में सामने आए एक मामले ने इस परेशानी को और उजागर कर दिया, जहां जल शक्ति विभाग ने एक उपभोक्ता को करीब 1 लाख 78 हजार रुपये का पानी का बिल थमा दिया। इतना भारी बिल देखकर उपभोक्ता स्तब्ध रह गया। उसका कहना है कि पहले कभी इस तरह का बिल नहीं आया और न ही पानी की खपत में कोई असामान्य बढ़ोतरी हुई है।
उपभोक्ताओं पर बढ़ता आर्थिक दबाव
जानकारी के अनुसार कुल्लू, मनाली और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में दो से तीन गुना तक अधिक पानी के बिल भेजे जा रहे हैं। इससे आम जनता के साथ-साथ होटल कारोबारी और छोटे व्यवसायी भी बुरी तरह परेशान हैं। सितंबर 2024 में कांग्रेस सरकार द्वारा पानी के टैरिफ में की गई वृद्धि के बाद से ही यह समस्या लगातार गहराती जा रही है।
जल शक्ति विभाग नए टैरिफ के आधार पर बिल जारी कर रहा है और समय पर भुगतान न होने पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
उपमुख्यमंत्री के आश्वासन पर भी नहीं मिली राहत
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दिया था कि बढ़े हुए पानी के बिलों से लोगों को राहत दी जाएगी और इन्हें माफ किया जाएगा। हालांकि, इस घोषणा को तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो कोई लिखित आदेश जारी हुआ है और न ही कोई अधिसूचना सामने आई है। नतीजतन, उपभोक्ताओं को अब भी बढ़े हुए टैरिफ के आधार पर ही बिल मिल रहे हैं।
विपक्ष का सरकार पर हमला
पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता गोविंद सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पानी और बिजली के दाम बढ़ाकर जनता से सीधी वसूली कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मनाली के एक होटल को एक ही साल में करीब साढ़े सात लाख रुपये का पानी का बिल भेजा गया है। उनके अनुसार कुल्लू, मनाली, जोगिंदर नगर और सोलन जैसे क्षेत्रों में भी असामान्य रूप से अधिक बिल सामने आए हैं।
कांग्रेस विधायक ने भी माना हालात चिंताजनक
कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने भी स्वीकार किया कि पानी के बढ़े बिलों की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से चर्चा की गई है और सरकार की मंशा लोगों को राहत देने की है। हालांकि, विभागीय स्तर पर अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
असमंजस में जनता, आदेश का इंतजार
उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि सरकार जल्द कोई स्पष्ट और लिखित फैसला नहीं लेती, तो आने वाले समय में आम लोगों के लिए पानी का बिल भरना मुश्किल हो जाएगा। वहीं, जल शक्ति विभाग के अधिकारी भी यही कह रहे हैं कि वे सरकार की नई अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं और तब तक नए टैरिफ के अनुसार ही बिल जारी किए जा रहे हैं।
इस असमंजस की स्थिति ने प्रदेशभर में सरकार के प्रति नाराजगी और असंतोष को और बढ़ा दिया है।
हिमाचल में बढ़े पानी के बिलों से जनता परेशान, लाखों के बिल देख उड़े होश


















